गणतंत्र दिवस 2020: भारत के 71 वें गणतंत्र दिवस पर दिखेगा भारत का पराक्रम

भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में स्थापित होने की वर्षगांठ पर आयोजित इस 90 मिनट के समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जायेर बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड 2020 के मुख्य अतिथि, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो द्वारा निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए आभार जताया था।

नई दिल्ली: ‘गणतंत्र दिवस’ इस दिन हमें सही मायने में संपूर्ण आजादी हमें मिली थी और यह भारत के 71 वें गणतंत्र दिवस है। इस अवसर पर आज देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आज के आयोजित होने वाले समारोह में देश की बढ़ती हुई सैन्य शक्ति, बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का भव्य प्रदर्शन किया जायेगा।

आज ही के दिन 26 जनवरी, 1950 को हमने हमारे संविधान को अंगीकृत किया था। इस संविधान को बनाने में देश की महान हस्तियों ने अपना-अपना योगदान दिया। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था। आपको बता दें, हमारा संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। उस समय से लेकर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ब्राजील के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि

भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में स्थापित होने की वर्षगांठ पर आयोजित इस 90 मिनट के समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जायेर बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड 2020 के मुख्य अतिथि, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो द्वारा निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए आभार जताया था। इस दौरान उन्होंने कल कहा कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में, आप भारत की विविधता को देखेंगे। ब्राज़ील भी एक ऐसा देश है जो कई त्योहारों को धूम-धाम से मनाता है।

 

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PM मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति ने साइन किए 3 MOU

इससे पहले बोलसोनारो और पीएम मोदी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान विदेश मंत्री एस.जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल मौजूद रहे। इसमें तेल और गैस, खनन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 15 समझौतें शामिल हैं। बोलसोनारो चार दिन की यात्रा पर शुक्रवार को भारत आए।

चिनूक और अपाचे युद्धक हेलीकाप्टर भव्य सैन्य परेड का हिस्सा होंगे

उपग्रह भेदी हथियार ‘शक्ति’, थलसेना का युद्धक टैंक भीष्म, इन्फैंट्री युद्धक वाहन और हाल ही में भारतीय वायु सेना में शामिल किए गए चिनूक और अपाचे युद्धक हेलीकाप्टर भव्य सैन्य परेड का हिस्सा होंगे।राष्ट्रीय राजधानी को वृहद् स्तर पर आकाशीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

इसके साथ ही हजारों पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान सतर्क होकर निगरानी करेंगे। राजपथ पर राष्ट्र की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक प्रगति को दर्शाने वाली 22 झांकियों में से 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी और छह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि स्कूली बच्चे नृत्य और संगीत के माध्यम से युगों पुरानी योग परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश देंगे। गणतंत्र दिवस परेड समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट के समीप स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

यह पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति के बजाय राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।इसके बाद प्रधानमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति राजपथ पर परेड का अवलोकन करने के लिए सलामी मंच की ओर प्रस्थान करेंगे।

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राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ शुरू होगी परेड

परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्र गान की धुन बजाई जाएगी। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा परेड की सलामी लेने से होगी। परेड की कमान परेड कमांडर दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री के हाथों में होगी।दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल आलोक कक्कड़ परेड के सेकंड-इन-कमांड होंगे।

परेड में पहला दस्ता सेना की 61वीं घुड़सवार टुकड़ी का होगा

परेड में पहला दस्ता सेना की 61वीं घुड़सवार टुकड़ी का होगा।बता दें कि छह टुकड़ियों को मिलाकर एक अगस्त 1953 को स्थापित यह टुकड़ी विश्व की एकमात्र सक्रिय सैन्य घुड़सवार टुकड़ी है। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 61वीं घुड़सवार टुकड़ी का दस्ता, आठ मैकेनाइज्ड दस्ते, छह पैदल दस्ते तथा रूद्र और फ्लाई पास्ट करते ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकाप्टर करेंगे।

इन भारतीय टैंकों की ताकत देखेगी दुनिया

भारतीय सेना के स्वदेश में निर्मित मुख्य युद्धक टैंक टी-90 भीष्म, इन्फैंट्री युद्धक वाहन ‘बॉलवे मशीन पिकाटे’, के-9 वज्र और धनुष तोपें, चलित उपग्रह टर्मिनल और आकाश मिसाइल प्रणाली मैकेनाइज्ड दस्ते का मुख्य आकर्षण होंगे। पैदल मार्च करने वाले दस्तों में भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट, ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट, सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, कुमाऊं रेजिमेंट और सिग्नल कोर के दस्ते सम्मिलित होंगे। भारतीय नौसेना के दस्ते में 144 जवान होंगे जिनकी कमान लेफ्टिनेंट जितिन मलकट के हाथ में होगी।

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वायुसेना की झांकी में दिखेगी देश की ताकत

वायुसेना की झांकी में राफेल और तेजस युद्धक विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर, आकाश मिसाइल प्रणाली और अस्त्र मिसाइल के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के दस्ते में उपग्रह भेदी हथियार ‘मिशन शक्ति’ का प्रदर्शन किया जाएगा।

भारत का पहला उपग्रह भेदी अभियान मिशन शक्ति, विरोधी उपग्रहों को मार गिराने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन करता है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को 16 झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की छह झांकियों में ‘स्टार्ट अप इंडिया’ और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।