मुंबई से गोरखपुर जा रही ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, रोते हुए यात्री बोले- हम घर कैसे जाएंगे

रेलवे की तरफ से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने ट्विटर हैंडल पर लापरवाही की तरफ सभी का ध्यान आकृष्ट कराया है।

Published by Aditya Mishra Published: May 23, 2020 | 6:42 pm
Modified: May 23, 2020 | 6:52 pm

नई दिल्ली: रेलवे की तरफ से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने ट्विटर हैंडल पर लापरवाही की तरफ सभी का ध्यान आकृष्ट कराया है।

आरपीएन सिंह ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मुंबई से गोरखपुर जाने के लिए निकली श्रमिक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई है क्योंकि ड्राइवर रास्ता भूल गया।

सोशल मीडिया में ये वीडियो बड़ी ही तेजी के साथ शेयर हुआ। विवाद बढ़ने के बाद रेलवे को आगे आकर पूरे मामले पर अपनी सफाई देनी पड़ी है।

रेलवे

यात्रियों का हुआ बुरा हाल

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का कहना है कि कुछ ट्रेनों को अलग रूट पर डायवर्ट कर दिया गया था। रूट पर कंजेशन के कारण ऐसा किया गया।
आरपीएन के शेयर किए गए वीडियो में एक यात्री बता रहा है कि मुंबई से हमलोग गाड़ी पकड़े थे यूपी के गोरखपुर जाने के लिए और हमें ओडिशा में लाकर खड़ा कर दिया गया है।

अभी हमलोग कैसे जाएंगे? क्या करेंगे हमलोग, बहुत परेशानी में हैं हमलोग। रास्ता ही भूल गए ड्राइवर। ट्विटर पर इस घटना को लेकर खूब मजाक भी बना। एक यूजर ने लिखा कि जाना था जापान, पहुंच गए चीन समझ गए ना।

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रेलवे को देनी पड़ रही सफाई

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव के अनुसार ये अक्सर होता रहता है। उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ ट्रेनों की अधिक संख्या रहती है, ऐसे में इन मार्गों पर रश अधिक होती है इसी वजह से हमने कुछ ट्रेनों को दूसरे रूट में परिवर्तन करने फैसला किया है। यही वजह है कि इसलिए हमने उस ट्रेन को दूसरे रूट पर डाला।

यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे आम दिनों में भी अपनाया जाता है। उन्होंने कहा कि थोड़ा लंबा रूट है, लेकिन ट्रेन अपने गंतव्य पर जरूर पहुंचेगी और यात्रियों को पहुंचाएगी। हम आपको इस बात का भरोसा दिलाते हैं।

वे इतने पर ही नहीं रुके आगे कहा, इस नेटवर्क पर ट्रैफिक जाम हो जाता है, तो उस पर खड़े रहने से अच्छा होता है कि थोड़ा लंबा रूट लेकर तेजी से पहुंच जाएं। ये हमारा एक प्रोटोकॉल होता है। कुछ ट्रेन के मार्ग को हमने परिवर्तित किया है. हमने पाया कि एक ही रूट पर ट्रेन चलाते रहें तो कोई भी ट्रेन नहीं पहुंच पाएगी।

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