दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र पर पहुंचेगी आम जनता, सेना जल्द करेगी ऐलान

सियाचिन को कौन नही जानता। दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र, जहां पर भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। जहां सिर्फ सेना का ही बेसरा है। लेकिन अब आम जनता भी इस जगह पर जा सकती है।

नई दिल्ली : सियाचिन को कौन नही जानता। दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र, जहां पर भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। जहां सिर्फ सेना का ही बेसरा है। लेकिन अब आम जनता भी इस जगह पर जा सकती है। जीं हां आम जनता भी उस जगह को महसूस कर सकती हैं जहां देश के जवानों ने कुरबानियां दी थी। जहां देश के जवानों ने कांपती जमा देने वाली ठंड में सीमा पर तैनात रह कर वतन की रक्षा की है। बता दें भारतीय सेना जल्द ही आम लोगों के लिए इस जगह को खोल सकती है। भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने दौरे पर इस बात का विचार रखा था।

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-50 डिग्री रहता है तापमान

केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ही लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश घोषित हो गया है। इसके बाद से भारतीय सेना का उद्देश्य आम लोगों को सेना के जीवन से जोड़ना और उन्हें ये बताना कि भारतीय सेना के जवानों ने किन मुश्किलों को सामना कर सियाचिन में तैनात रहकर देश की रक्षा करते हैं। सियाचिन पर तैनात जवानों को यहां -50 डिग्री तापमान तक का सामना करना पड़ता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है। उनका मानना है कि आम लोग सेना से जुड़ना चाहते हैं और उनके बारे में जानना चाहते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में सेना प्रमुख ने एक सेमिनार में कहा कि भारतीय सेना की तरफ से आम लोगों को ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन में आने दिया जा रहा है और अब विचार किया जा रहा है कि लोगों को भारतीय सेना के पोस्टों तक लाया जाए।

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आपको बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर के आसपास रह रहे लोगों को छोड़कर भारतीय सेना की तरफ से किसी को अभी तक वहां जाने की इजाजत नहीं है। अभी इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और भारतीय सेना की ओर से इस बात पर विचार चल रहा है कि लोगों को कहां तक आने देना है, कितनी ऊंचाई तक की मंजूरी आम लोगों को देनी है। सियाचिन ग्लेशियर को लेकर यह ऐलान जल्द ही हो सकता है।