छात्रा को डूबने से बचाने के लिए जब खुद ही झील में कूद पड़ी थीं आनंदीबेन पटेल

आनंदीबेन शाकाहारी हैं और उन्हें पक्षियों से बहुत लगाव है और बागवानी में अपना समय बिताना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। वे एक मितव्ययी जीवन शैली को अपनाती हैं तथा जबरदस्त प्रशासनिक दक्षता के लिए जानी जाती हैं।

आनंदीबेन पटेल की फ़ाइल फोटो

आनंदीबेन पटेल की फ़ाइल फोटो

लखनऊ: गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को यूपी का राज्यपाल बनाए जाने के बाद यूपी के लोग जानना चाह रहे है कि आखिर कौन हैं आनंदीबेन पटेल ? आइये हम आपको बताते हैं यूपी की नई राज्यपाल के बारे में। गुजरात राज्य की कई और नीतियां, जिनके लिए पीएम मोदी ने वाहवाही लूटी हैं, उनके पीछे आनंदीबेन ही रहीं हैं।

आनंदीबेन पटेल का जन्म मेहसाणा जिले के विजापुर तालुका के खरोद गांव में, 21 नवम्बर 1941 को एक पाटीदार परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम आनंदीबेन जेठाभाई पटेल है।

पिता थे गांधीवादी

ये भी पढ़ें…बीजेपी नेता कलराज मिश्र को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया

उनके पिता जेठाभाई पटेल एक गांधीवादी नेता थे।  वर्ष 1960 में उन्होंने विसनगर के भीलवाई कॉलेज में प्रवेश लिया, जहां पूरे कॉलेज में प्रथम वर्ष विज्ञान में वे एकमात्र लड़की थी। उन्होंने यहां से विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उन्होने पहली नौकरी के रूप में महिलाओं के उत्थान के लिए संचालित महिला विकास गृह में शामिल हो गईं, जहां  उन्होंने 50 से अधिक विधवाओं के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की।

आनंदीबेन शाकाहारी हैं और उन्हें पक्षियों से बहुत लगाव है और बागवानी में अपना समय बिताना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। वे एक मितव्ययी जीवन शैली को अपनाती हैं तथा जबरदस्त प्रशासनिक दक्षता के लिए जानी जाती हैं। उनके दो बच्चे संजय पटेल (बेटा) और अनार पटेल (बेटी) है।

ये भी पढ़ें…शाहजहांपुर: राशन ना मिलने पर बीजेपी का झंडा लेकर चढ़ गया टंकी पर

एक बार एक छात्रा को डूबने से बचाने के लिए वे खुद झील में कूद गई थीं। सन् 1988 में आनंदीबेन भाजपा में शामिल हुई। पहली बार वे उस समय चर्चा में आई जब उन्होंने अकाल पीड़ितों के लिए न्याय मांगने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

1998 में कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा और महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। उन्हे वर्ष 1987 में वीरता पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नरेंद्र मोदी की करीबी उन्हें गुजरात का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। वे गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

ये भी पढ़ें…भाई की बेनामी संपत्ति जब्त होने के बाद मायावती ने खोला बीजेपी के खिलाफ मोर्चा