Top

स्मृति शेष : जब एक शिक्षिका का केस मुफ्त में लड़ने के लिए तैयार हो गये जेठमलानी

राम जेठमलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 95 वर्षीय जेठमलानी काफी लंबे से बीमार थे, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई। जेठमलानी अपनी फीस एक करोड़ रुपये से ज्यादा तक चार्ज की है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 8 Sep 2019 10:31 AM GMT

स्मृति शेष : जब एक शिक्षिका का केस मुफ्त में लड़ने के लिए तैयार हो गये जेठमलानी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: राम जेठमलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 95 वर्षीय जेठमलानी काफी लंबे से बीमार थे, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई। जेठमलानी अपनी फीस एक करोड़ रुपये से ज्यादा तक चार्ज की है।

जेठमलानी की खास बात ये भी थी उन्होंने ऐसे मामले भी लड़े हैं, जिनके लिए कभी कोई वकील सामने नहीं आया। जेठमलानी ने कई मशहूर केस भी लड़े हैं।

ये भी पढ़ें...मशहूर वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन

हम आपको उनके एक ऐसे ही किस्से के बारे में बताते हैं जब वे एक शिक्षिका केस मुफ्त में लड़ने के लिए तैयार हो गए थे।

बात साल 2018 की है। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जनता दरबार में अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित शिक्षिका उत्तरा बहुगुणा के चर्चित मामले में उनका केस मुफ्त लड़ने की पेशकश की थी। इसके बाद इस मामले ने पूरे देश में सुर्खिया बटोरी थी।

दरअसल, मुख्यमंत्री आवास में लगे जनता दरबार में उत्तरकाशी में उस वक्त तैनात प्राइमरी स्कूल की महिला शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा अपनी समस्या बताने के लिए जैसे ही खड़ी हुईं वैसे ही सीएम ने उन्हें निलंबित करने की बात कह दी,

जिस पर महिला ने आपा खो दिया और मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया। इतना ही नहीं महिला ने मुख्यमंत्री को चोर तक कह दिया।

मामले ने जब तूल पकड़ा तो शिक्षिका ने कहा कि यदि सरकार और विभाग ने उनके साथ न्याय नहीं किया, तो वह कोर्ट जाएंगी।

यह विषय देश भर में सुर्खियों में आ गया। इसके बाद यह मामला जब मशहूर वकील जेठमलानी के संज्ञान में आया तो उन्हेंने बहुगुणा का केस फ्री में लड़ने की पेशकश कर दी। हालांकि बाद में केस नहीं लड़ा गया।

ये भी पढ़ें...1 करोड़ के मलानी! अमित शाह से इस माफ़िया डॉन तक का लड़ा केस

इन 10 चर्चित केस के लिए हमेशा किये जायेंगे याद

1-हवाला कांड में लालकृष्ण आडवाणी का बचाव

2-जेसिका लाल हत्याकांड में मनु शर्मा का बचाव

3-इंदिरा गांधी के हत्या के आरोपियों का बचाव

4-राजीव गांधी की हत्या के आरोपियों का बचाव

5-सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में अमित शाह का (गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री का) बचाव

6-2 जी स्पेक्ट्रम मामले में कनिमोझी का बचाव

7-जग्गी हत्या के मामले में अमित जोगी(अजीत जोगी का बेटा) का बचाव

8-जोधपुर यौन शोषण मामले में आसाराम बापू का बचाव

9-भाकपा विधायक कृष्णा देसाई हत्याकांड में शिवसेना का बचाव

10-अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल

ये भी पढ़ें...चंद्रयान-2 से बड़ा ये मिशन, इसरो-जापान मिलकर देंगे इसको अंजाम

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story