औद्योगिक उत्पादन में 8 साल बाद हुई इतनी बड़ी गिरावट, जानें पूरी बात

मैन्युफैक्चरिंग और खनन क्षेत्र में सुस्ती रहने की वजह से सितंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 43 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

नई दिल्ली: मैन्युफैक्चरिंग और खनन क्षेत्र में सुस्ती रहने की वजह से सितंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 43 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 1.1 फीसदी की गिरावट आई थी। यह पिछले आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट है।

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IIP ने अक्टूबर 2011 में इससे निचला स्तर छुआ था, जब IIP में 5 फीसदी गिरावट आई थी। औद्योगिक उत्पादन की दर पिछले साल के सितंबर महीने के मुकाबले काफी कम है। पिछले साल सितंबर में औद्योगिक उत्पादन में 4.6 फीसदी की बढ़त हुई थी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक (आधार वर्ष 2011-12) IIP सितंबर महीने में 123.3 था, जब की पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 4.3 फीसदी कम है।

सकल औद्योगिक उत्पादन की हुई वृद्धि

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के दौरान सकल औद्योगिक उत्पादन वृद्धि की दर पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.3 फीसदी दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में सितंबर महीने में 3.9 फीसदी गिरावट की आई है, वहीं, खनन कार्य में 8.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसी प्रकार बिजली उत्पादन में 2.6 फीसदी की गिरावट आई है।

इस बीच स्रोत एजेंसियों से हासिल अपडेट डेटा के अनुसार अगस्त 2019 के IIP अनुमान में पहली बार संशोधन किया गया है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 औद्योगिक समूहों में से 17 उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई है। IIP में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 77 प्रतिशत है। इससे पहले अक्टूबर, 2014 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन 1.8 प्रतिशत घटा था।

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मंत्रालय के बयान में बताया गया है, ‘मोटर वाहन, ट्रेलर, सेमीट्रेलर की मैन्युफैक्चरिंग में सबसे ज्यादा क्रमश: 24.8 फीसदी की गिरावट आई है। इसके बाद फर्नीचर की मैन्युफैक्चरिंग में 23.6 फीसदी की गिरावट आई है। प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में सितंबर में 5.1 फीसदी की गिरावट आई है। इसी प्रकार पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 20.7 फीसदी की गिरावट आई है।

देश में इकोनॉमी के मोर्चे पर लगातार नकारात्मक खबरें आ रही हैं। इसकी वजह से कई रेटिंग एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के GDP ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है।