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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, अब कोरोना मरीजों के घरों पर नहीं होगा ऐसा

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ऐसा करने से मरीजों के साथ भेदभाव हो रहा है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही है। हालांकि इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस तरह पोस्टर लगाने से मरीज अछूत समझे जा रहे हैं।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 9 Dec 2020 8:47 AM GMT

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, अब कोरोना मरीजों के घरों पर नहीं होगा ऐसा
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नई दिल्ली: कोरोना महामारी में कोरोना संक्रमित मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने की अब मनाही हो गई है। अगर लगाना बहुत ज़रूरी हो तो इसके लिए पहले संबंधित अधिकारी (केंद्र सरकार) का आदेश होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ऐसा करने से मरीजों के साथ भेदभाव हो रहा है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही है। हालांकि इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस तरह पोस्टर लगाने से मरीज अछूत समझे जा रहे हैं। ऐसे मरीजों से अछूतों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।

लोगों की निजता का हनन है

पहली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर गौर करते हुए यह भी कहा था कि उन लोगों की निजता का हनन है जहां पोस्टर लगाए गए हैं। साथ ही पोस्टर लगाए जाने से मरीजों और उनके घर वालों को पड़ोसियों से दिक्कत हो रही है। वहीं सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने साफ किया कि केंद्र सरकार ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।

पोस्टर लगाए जाने का फैसला राज्य सरकारों का है

पोस्टर लगाए जाने का फैसला राज्य सरकारों का है। उनका मकसद ये है कि मरीज के पड़ोसी या कोई और वहां उस घर में या आसपास जाने से बचें। इस तरह कोरोना से बचा जा सकता है। लेकिन इस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़मीनी हकीकत कुछ और है, पोस्टर लगाए जाने से लोग मरीजों को अछूत समझने लगे हैं।

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भारत की स्थिति टॉप-10 संक्रमित देशों में सबसे बेहतर

कोरोना के एक्टिव केस के मामले में भारत अब 7वें से 8वें नंबर पर पहुंच गया है। मतलब अब भारत दुनिया का 8वां देश है, जहां सबसे ज्यादा एक्टिव केस यानी ऐसे मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। फिलहाल 3 लाख 78 हजार 909 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक्टिव केस के मामले में सबसे खराब हालत अमेरिका की है। यहां अभी 60.96 लाख ऐसे मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। रिकवरी के मामले में भी भारत की स्थिति टॉप-10 संक्रमित देशों में सबसे बेहतर है। यहां हर 100 मरीजों में 95 लोग ठीक हो रहे हैं, जबकि एक की मौत हो रही है।

कोरोना प्रभावित प्रमुख राज्यों का हाल

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को 3188 लोग संक्रमित पाए गए। 3307 लोग रिकवर हुए और 57 की मौत हो गई। अब तक 5 लाख 97 हजार 112 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 22 हजार 310 मरीजों का इलाज चल रहा है। 5 लाख 65 हजार 39 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 9763 हो गई है।

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