सुप्रीम कोर्ट आज चाइल्ड रेप मुद्दे पर फिर करेगा सुनवाई, ये राज्य है सबसे सेफ

पिछले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन रिपोर्ट्स पर सुनवाई की थी। उस वक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने बच्चों के यौन उत्पीड़न मामलों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया था। आज इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट फिर से सुनवाई करेगा।

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट चाइल्ड रेप यानि बच्चों के यौन उत्पीड़न से काफी चिंतित है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि वह बच्चों से दुष्कर्म के बढ़ते वारदात पर सुनवाई करेगा। इस मामले में कोर्ट का कहना है कि यह काफी गंभीर समस्या है। इसलिए कोर्ट ने इसे स्वतः संज्ञान लेते हुए खुद एक जनहित याचिका यानि पीआईएल दायर की थी।

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इस मामले में 1 जुलाई को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने दो पहलुओं पर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। 1 जनवरी को पहली रिपोर्ट आई थी। इसके बाद से अब तक देशभर में चाइल्ड रेप के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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वहीं, इन मामलों की जांच कहां तक पहुंची, इन मामलों में चार्जशीट दाखिल करने में कितना वक्त लगा और निचली अदालतों में ऐसे कितने मुकदमे लंबित हैं, इसकी जानकारी दूसरी रिपोर्ट में देनी थी।

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पिछले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन रिपोर्ट्स पर सुनवाई की थी। उस वक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने बच्चों के यौन उत्पीड़न मामलों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया था। आज इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट फिर से सुनवाई करेगा।

सबसे गंभीर हालात यूपी में

चाइल्ड रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक लिस्ट तैयार की है। इस लिस्ट के अनुसार, 3457 मुकदमों के साथ उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। बता दें कि यूपी पुलिस के ढीले रवैये और इस तरह के कांड की वजह से पहले नंबर पर है।

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चौंकाने वाली बात ये है कि यूपी में 50 फीसदी से ज्यादा केसों में 1779 में जांच चल रही है जो बेहद ढीली है। यूपी के बाद मध्य प्रदेश दूसरे पायदान पर है। मध्य प्रदेश में 2389 सामने आए हैं। हालांकि, यहां तेजी से जांच कर 1841 केसों में चार्जशीट पेश हो गई है। वहीं नौ मुकदमों के साथ नगालैंड सबसे नीचे है।