मिट्टी में मिल जाएगी तब्लीगी जमात की इमारत, सरकार का एक्शन जारी

फिलहाल बिल्डिंग सील है। लेकिन अब इसे ढहाने की कार्रवाई को अंजाम देने की एसडीएमसी तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग का निर्माण पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस बिल्डिंग का किसी भी तरह का कोई कर जमा नहीं किया जा रहा था।

नई दिल्लीः बड़ी खबर सारे नियम कानून ताक पर रखकर अवैध रूप से बनाई गई निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात की बिल्डिंग ढहाने की दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने तैयारी कर ली है। कभी भी इस बिल्डिंग को ढहाया जा सकता है।

क्योंकि जिस जमीन पर मरकज ने निर्माण कराया है उसके मालिकाना हक से जुड़ा कोई भी कागज इसके कर्ताधर्ताओं के पास नहीं है। न ही इस संबंध में नगर निगम के पास कोई रिकार्ड है। गौरतलब है कि मरकज से पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैलाने का भंडाफोड़ होने के बाद 31 मार्च को ही अनधिकृत रूप से बनाये गये मरकज के भवन को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।

एसडीएमसी स्टैंडिंग कमेटी के डिप्टी चेयरमैन राजपाल सिंह ने सेंट्रल जोन के डीसी को पत्र लिखकर बिल्डिंग को सील करने को कहा था और यह भी कहा था कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद बिल्डिंग को सील कर दिया था।

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बताया जा रहा है कि जिस समय मरकज का निर्माण हो रहा था उस समय स्थानीय लोगों ने इसके अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें की थीं लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया था।

जल्दी ही शुरू होगा एक्शन

फिलहाल बिल्डिंग सील है। लेकिन अब इसे ढहाने की कार्रवाई को अंजाम देने की एसडीएमसी तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग का निर्माण पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस बिल्डिंग का किसी भी तरह का कोई कर जमा नहीं किया जा रहा था।

निजामुद्दीन इलाके में मरकज की यह बिल्डिंग काफी बड़े एरिये में बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है इसकी ऊंचाई में भी नियमों का पालन नहीं किया गया है। इस बिल्डिंग की ऊंचाई 25 मीटर है जबकि सामान्यतः किसी को भी 15 मीटर से ऊंची इमारत बनाने की इजाजत नहीं है।

जानकारों का यह भी कहना है कि पुरातत्व विभाग की बिल्डिंग के बगल में इतनी विशाल बिल्डिंग बनाए जाने पर विभाग के लोगों ने भी आपत्ति जताई थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

अब जबकि नगर निगम के अधिकारी मरकज के प्रबंधकों से मालिकाना हक के दस्तावेज मांग रहे हैं, प्रबंधन दस्तावेज देने में आनाकानी कर रहा है। जबकि मरकज के लोगों का कहना है लॉक डाउन के चलते कागज नहीं मिल रहे हैं। लॉकडाउन खत्म होगा तो कागजात पेश कर देंगे।