तब्लीगी जमात पर यहां का प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने पर हत्या का केस होगा दर्ज

देशभर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी तक कोरोना संक्रमितों के जो मामले सामने आए हैं उनमें तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा है। कई जमाती जांच से बच रहे हैं और छिपे हुए हैं।

रायपुर: देशभर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी तक कोरोना संक्रमितों के जो मामले सामने आए हैं उनमें तब्लीगी जमात के लोगों की संख्या 30 प्रतिशत से ज्यादा है। कई जमाती जांच से बच रहे हैं और छिपे हुए हैं। अब इस बीच छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला कलेक्टर ने अपनी पहचान छिपाने वाले तब्लीगी जमात से संबंध रखने वालों के खिलाफ एक कड़ा आदेश जारी कर दिया है।

तब्लीगी जमात से संबंध रखने वालों ने पहचान छुपाई तो हत्या या हत्या की कोशिश का मामला दर्ज होगाय़ इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ की सीमा महाराष्ट्र से लगती है। तब्लीगी जमात के लोगों की वजह से छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉज़िटिव की संख्या बढ़ी है।

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राजनांदगांव कलेक्टर जयप्रकाश ने आदेश जारी कर कहा है कि 1 मार्च के बाद तब्लीगी जमात से संबंध रखने वाला कोई भी व्यक्ति यदि छत्तीसगढ़ से बाहर गया हो या वापस आया हो तो वो अपनी जानकारी प्रशासन को दे। ऐसा न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई तो की ही जाएगी। इसके साथ ही यदि उसके संपर्क में आने से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो उसके खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या की कोशिश मामला दर्ज किया जाएगा।

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दरअसल, राजनांदगांव जिले की सीमा महाराष्ट्र से लगी हुई है और बड़ी संख्या में महराष्ट्र से छत्तीसगढ़ लोग आते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने बॉर्डर की सभी सीमा को सील कर दिया है। ऐसे में प्रदेश में बिना प्रशासनिक इजाज़त के कोई नहीं आ सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि कोरबा के कटघोरा जिले में जो लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं वो सभी महाराष्ट्र से ही आए थै। ऐसे में प्रशासन द्वारा राजनांदगांव जिले की सतर्कता बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है।