चक्रवात ‘वायु’ की हर मुश्किल से लड़ने को टीमें तैयार ,300 मरीन कमांडो भी तैनात

चक्रवात ‘वायु’ गुजरात के तट की ओर बढ़ने के साथ ही बेहद खतरनाक तूफान में तब्दील हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार दोपहर के वक्त यह वेरावल तट से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराएगा।

चक्रवात ‘वायु’ की हर मुश्किल से लड़ने को टीमें तैयार ,300 मरीन कमांडो भी तैनात

अहमदाबाद: चक्रवात ‘वायु’ गुजरात के तट की ओर बढ़ने के साथ ही बेहद खतरनाक तूफान में तब्दील हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार दोपहर के वक्त यह वेरावल तट से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराएगा।हालांकि आमतौर पर तूफान टकराने के बाद कमजोर पड़ जाता है। लेकिन मौसम विभाग का आकलन है कि अगले 24 घंटे में यह चक्रवात काफी तबाही मचा सकता है। विभाग ने गुजरात और दमन द्वीव के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

इस बीच, बुधवार को गृहमंत्रालय ने गुजरात के दस जिलों में आम अलर्ट जारी किया है। एनडीआरएफ की 52 टीमों को गुजरात भेजा गया है, जबकि सेना को स्टैंड बाय पर रखा गया है। इतना ही नहीं तूफान से निपटने के लिए नौसेना के विमानों और पोतों को भी तैयार रखा गया है।

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इसके मद्देनजर इन जिलों में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। इन 10 जिलों के करीब 400 गांवों में रहने वाले 2.91 लाख लोगों को स्थानांतरित कया जा रहा है।

तटरक्षक, थलसेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेना ने तटवर्ती इलाकों में 10 टुकड़ियां तैनात की हैं, जबकि 24 टुकड़ियों को तैयार रहने को कहा गया है। तटीय इलाकों में सभी बंदरगाह और एयरपोर्ट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। वहीं पश्चिम रेलवे ने तटीय इलाकों में अगले दो दिन तक 15 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 16 का रूट बदला गया है।

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राज्य सरकार के अनुसार चक्रवात से मद्देनजर कच्छ, मोरबी, जामनगर, जूनागढ़, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिलों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने का खतरा है।

गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बचाव और राहत अभियान को लेकर बैठक की गई। मंत्रालय ने गुजरात और दमन द्वीव प्रशासन से समय रहते लोगों के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को कहा है।