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क्या होगा लॉकडाउन का, इन राज्यों ने की समयावधि बढ़ाने की मांग

सरकार अब 14 अप्रैल को लॉकडाउन ख़तम करने की सोच रही है। लेकिन देश के कुछ राज्यों की सरकारें इस लॉकडाउन को समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 7 April 2020 8:57 AM GMT

क्या होगा लॉकडाउन का, इन राज्यों ने की समयावधि बढ़ाने की मांग
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नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस समय वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जूझ रही है। भारत में इस वायरस से मचे हाहाकार के चलते पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था। जिसकी समयावधि आने वाले 14 अप्रैल को पूरी हो रही है। ऐसे में बिच में कुछ अफवाहें ये उड़ी थीं कि सरकार इस लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ा सकती हैं। जिसे सरकार द्वारा मना कर दिया गया था। एसे में सरकार अब 14 अप्रैल को लॉकडाउन ख़तम करने की सोच रही है। लेकिन देश के कुछ राज्यों की सरकारें इस लॉकडाउन को समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं। और उन्होंने पीएम से इसकी समयावधि बढ़ाने की मांग की है।

7 राज्यों ने समयावधि बढ़ाने की मांग

केंद्र सरकार 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन को ख़तम करने का मन बना रही है। लेकिन देश की कुछ राज्य सरकारें इसके पक्ष में नहीं हैं। इन राज्यों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी से लॉकडाउन की समयावधि बढाने की मांग की गई है। देश के सात राज्यों ने लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाने का समर्थन किया है। जिन सात राज्यों ने समयावधि बढ़ाने का समर्थन किया है उनमें कोरोना का कहर लगातार जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इन राज्यों में सोमवार तक कोरोना वायरस के 1367 मामले पाये गये थे।

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जो कि देश में पाए गए कुल मामलों के एक तिहाई हैं। ऐसे में इन राज्यों द्वारा लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाने का समर्थन करना कहीं न कहीं सहीं ही है। इन सात राज्य सरकारों द्वारा यह इशारा भी कर दिया गया कि यदि केंद्र सरकार आने वाली 14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त भी कर देती है तो ये सरकारें अपने क्षेत्र में सारी पाबंदियों को ख़तम नहीं करेंगी।

यूपी में है असमंजस

जिन सात राज्यों ने लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाने की मांग की है उनमें यूपी समेत महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना शामिल हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि हम अपने राज्य में 14 अप्रैल को लॉकडाउन ख़तम होने के बाद भी प्रतिबंधों को पूरी तरह से ख़तम नहीं करेंगे। अगर बाकी 6 राज्यों की बात की जाए तो महाराष्ट्र में कोरोना का कहर देश में सबसे ज्याद है। महाराष्ट्र में अब तक इस वायरस के 748 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

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इसलिए यहां लॉकडाउन बढ़ाने की पूरी संभावना है। वहीं यूपी के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में तब्लीगी जमात से जुड़े मामलों की संख्या में वृद्धि (305 में से 159) के बाद लॉकडाउन को लेकर अनिश्चितता है। इसके अलावा राजस्थान में भी इस वायरस के 274 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में राजस्थान भी समयावधि को बढ़ाने का पक्षधर है। जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंतरराज्यीय यात्रा को शुरू करने से वायरस के प्रसार के प्रसार की बात कही है।

मध्यप्रदेश में हटेगा लॉकडाउन

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मध्यप्रदेश में भी कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान का रुख लॉकडाउन को ख़तम करने का लग रहा है। सीएम शिवराज ने कहा कि 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन हटाने का इशारा किया।वहीं असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा 'जब लॉकडाउन वापस ले लिया जाता है, हमें असम आने के इच्छुक लोगों को रेगुलेट करना होगा। अस्थायी अवधि के लिए, हमें स्थायी निवासियों के लिए भी ILP- जैसी स्थिति की आवश्यकता हो सकती है।

Aradhya Tripathi

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