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कोरोना से जंग: बुखार और जुकाम की दवा खरीदने वालों का रखना होगा रिकॉर्ड

देश में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए रोज नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब देश के चार राज्यों में कोरोना से संक्रमित मरीजों पर नजर रखने के लिए दवा की दुकानों को बुखार, सर्दी और जुकाम की दवा खरीदने वालों का रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया गया है।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 19 April 2020 3:58 AM GMT

कोरोना से जंग: बुखार और जुकाम की दवा खरीदने वालों का रखना होगा रिकॉर्ड
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नई दिल्ली: देश में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए रोज नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब देश के चार राज्यों में कोरोना से संक्रमित मरीजों पर नजर रखने के लिए दवा की दुकानों को बुखार, सर्दी और जुकाम की दवा खरीदने वालों का रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया गया है। इस आदेश का मकसद यह है कि रिकॉर्ड देखकर दवा खरीदने वालों को ट्रैक किया जाए ताकि कोरोना का संक्रमण रुक सके।

दवा खरीदने वालों को किया जाएगा ट्रैक

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और बिहार में राज्य सरकार की ओर से दवा की दुकानों को ऐसा आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि दवा के दुकानदारों को बुखार, सर्दी और जुकाम की दवा खरीदने वाले ग्राहक का नाम, पता और मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड रखना होगा। इस बाबत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सरकार का कहना है की इस लिस्ट को देखकर दवा खरीदने वालों को ट्रैक किया जाएगा ताकि उनका कोरोना टेस्ट किया जा सके।

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कई राज्यों में लक्ष्मण छिपाई जाने की शिकायत

देश के कई राज्यों से कोरोना के लक्षण छिपाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि कोरोना के कई मरीज इसके लक्षणों को कम करने के लिए ऐसी दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि ऐसे लोग कोरोना का टेस्ट कराने से कतरा रहे हैं। ऐसे लोगों को इस बात का भय सता रहा है कि पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें कम से कम दोर हफ्ते के लिए अस्पतालों में रहना पड़ सकता है या उन्हें क्वॉरंटाइन में भेजा जा सकता है। अब राज्य सरकारों ने ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है।

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तेलंगाना में इस कारण लिया गया फैसला

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा किया गया है कि तेलंगाना में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें लोग सर्दी, जुकाम या बुखार की दवा खाकर घर पर थे, लेकिन बाद में टेस्ट होने पर वे कोरोना पॉजिटिव निकले। इसके बाद ही ऐसे लोगों का रिकॉर्ड रखने का फैसला किया गया। सरकार की दवा दुकानदारों की एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में ऐसी दवा खरीदने वालों पर नजर रखने का फैसला किया गया। सरकार की ओर से तत्काल इस बाबत आदेश भी जारी कर दिया गया है।

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डॉक्टर की पर्ची पर ही दवा देने का निर्देश

कोरोना से सबसे ज्यादा संक्रमित राज्य महाराष्ट्र में भी इस तरह का कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र में पुणे और मुंबई कोरोना से बुरी तरह संक्रमित हैं और यहां मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुणे में भी दवा के दुकानदारों को ऐसे रिकॉर्ड रखने का आदेश दिया गया है। दवा के दुकानदारों को यह भी आदेश दिया गया है कि वे डॉक्टरों की पर्ची के बिना ऐसी दवा किसी भी ग्राहक को ना दें। दवा की दुकानों से कहा गया है कि वे रात आठ बजे तक यह रिकॉर्ड सरकार के पास जरूर भेज दें।

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