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अनोखी डिप चाय: वो भी बिना टी बैग वाली, दो दोस्तों ने मिलकर किया ये कमाल

शोधकर्ताओं और उद्यमियों की एक टीम ने तय किया कि असम की चाय से जुड़े इस मिथ को तोड़ कर रहेंगे। इस टीम ने पत्तीवाली असम चाय बनाने में ध्यान फोकस किया। ये टीम दो दोस्तों उपमन्यु बरकोटी और अंशुमान भराली की थी। बचपन के इन दोस्तों ने द टिया लीफ थ्योरी नाम से एक संगठन बनाया, जिसका मकसद आर्गेनिक चाय के किसानों की मदद करना था।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 22 March 2021 8:50 AM GMT

अनोखी डिप चाय: वो भी बिना टी बैग वाली, दो दोस्तों ने मिलकर किया ये कमाल
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शोधकर्ताओं और उद्यमियों की एक टीम ने तय किया कि असम की चाय से जुड़े इस मिथ को तोड़ कर रहेंगे। इस टीम ने पत्तीवाली असम चाय बनाने में ध्यान फोकस किया।
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नीलमणि लाल

लखनऊ। दो दोस्तों ने दुनिया की पहली ऐसी डिप चाय बनाई है जो बिना टी बैग वाली है। असम की चाय हमेशा से दानेदार क्वालिटी के लिए जानी जाती रही है। शोधकर्ताओं और उद्यमियों की एक टीम ने तय किया कि असम की चाय से जुड़े इस मिथ को तोड़ कर रहेंगे। इस टीम ने पत्तीवाली असम चाय बनाने में ध्यान फोकस किया।

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आर्गेनिक चाय के किसानों की मदद

ये टीम थी दो दोस्तों उपमन्यु बरकोटी और अंशुमान भराली की। बचपन के इन दोस्तों ने द टिया लीफ थ्योरी नाम से एक संगठन बनाया जिसका मकसद आर्गेनिक चाय के किसानों की मदद करना था।

दो साल के प्रयोगों के बाद ट्रू डिप्स नामक एक तकनीक विकसित की गई जिसमें बागानों से तोड़ी गई ताजा पत्तियों को इस तरह बांध दिया जाता कि जब उसे उबलते पानी में डालते हैं तो पत्तियां खुल कर अपने मूल आकार में आ जाती हैं।

chai फोटो-सोशल मीडिया

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दाम 450 रुपये से लेकर 787 रुपये तक

इस तकनीक का पेटेंट कराने के बाद इन दोस्तों ने अपनी ही कम्पनी "वुलह टी" के जरिये इसे बाजार में लांच किया है। इस तकनीक की सबसे बड़ी बास्त है कि इस डिप चाय में प्लास्टिक पार्टिकल से बने बैग की कोई जरूरत नहीं है।

इससे बहुत बड़ी बचत है और जीरो वेस्टेज है। चूंकि बैग नहीं होगा सो पर्यावरण की सुरक्षा होगी। ये बहुत सराहनीय कदम है। वुलह चाय के दाम 450 रुपये से लेकर 787 रुपये तक हैं।

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