×

UNHRC आयोग ने एयर स्ट्राइक मामले में भारत को दिया समर्थन, कही ये बात

भारत ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डे पर की जाने वाले एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को दे दी है। भारत ने यह उम्मीद जताई है कि UNHRC को दिए वचन के मुताबिक पाकिस्तान आतंकियों की जिम्मेदारी तय करेगा। 

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 28 Feb 2019 5:58 AM GMT

UNHRC आयोग ने एयर स्ट्राइक मामले में भारत को दिया समर्थन, कही ये बात
X
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की फ़ाइल फोटो
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली: जम्मू के पुलवामा इलाके में सीआरपीएफ जवानों पर हमले और पीओके में एयर स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। दोनों देश अब इस मामले को अंतराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की तैयारी में है। इसकी शुरूआत भी अब हो चुकी है।

भारत ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डे पर की जाने वाले एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को दे दी है। भारत ने यह उम्मीद जताई है कि UNHRC को दिए वचन के मुताबिक पाकिस्तान आतंकियों की जिम्मेदारी तय करेगा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद 40वें सत्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत राजीव के चंदर ने अपने संबोधन में कहा, 'मेरा प्रतिनिधिमंडल उन सभी देशों को धन्यवाद देता है, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत का पूरी तरह से समर्थन किया है।

ये भी पढ़ें...जानिए एयर स्ट्राइक के बाद क्या कह रही है पाकिस्तानी मीडिया

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने खुले तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली है। यूएनएससी के 21 फरवरी, 2019 में भी साफतौर से यह कहा गया है कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना होगा।

'

पाकिस्तान में किए जाने वाले एयर स्ट्राइक के बारे में बताते हुए राजीव चंदर ने कहा, 'भारत सरकार आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सभी जरूरी उपाय करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 26 फरवरी को भारत ने जो गैर सैन्य पूर्व रक्षात्मक कार्रवाई की है, उसका विशेष तौर पर निशाना जैश-ए-मोहम्मद का शिविर था। इस निशाने के चयन में इस बात का ध्यान रखा गया कि आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो।

वह जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करे और उसे पाकिस्तान के भीतर जिहादियों को प्रशिक्षण देने से रोके। पाकिस्तान सरकार ने जनवरी 2014 में यह वादा भी किया था कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी हमलों के लिए नहीं करने देगा।

हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान अपने इस वायदे को पूरा करेगा और जैश-ए-मोहम्मद के अन्य सभी शिविरों को नष्ट करते हुए इससे जुड़े आतंकियों को पकड़ेगा।'

ये भी पढ़ें...एयर स्ट्राइक पर बोली अमेठी: मोदी हैं तो मुमकिन है पाकिस्तान की नेस्तनाबूदी

गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के 13वें दिन भारतीय वायु सेना के जांबाजों ने पाकिस्तान और पीओके में कई जगह एयर स्ट्राइक किया था।

26 फरवरी को हुए इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में स्थि2त जैश के आतंकी अड्डे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था। भारत के 12 मिराज-2000 विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया।सुबह 3.30 बजे 1000 किलो विस्फोटक को विमानों के टारगेट पर गिराया गया है। इस कार्रवाई के बाद सीमा के दोनों पर तनाव बढ़ गया।

इसके जवाब में बुधवार, 27 फरवरी को पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों ने सीमा का अतिक्रमण किया, जिस पर भारतीय वायुसेना ने करार जवाब दिया। इस दौरान एक भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के चंगुल में फंस गए।

ये भी पढ़ें...#surgicalstrike2 के बाद पाकिस्तान ने रद्द की समझौता एक्सप्रेस

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story