महाराष्ट्र-गुजरात में आने वाला है निसर्ग तूफान, गृह मंत्री ने की मुख्यमंत्रियों से बात

साल 2020 में एक तरफ कोरोना महामारी चल रही है तो दूसरी तरफ कई दूसरी आपदाएं भी जारी हैं। हाल ही में आए अम्फान तूफान ने तबाही मचायी अब उसके बाद एक और तूफान निसारगा आने वाला है।

नई दिल्ली: साल 2020 में एक तरफ कोरोना महामारी चल रही है तो दूसरी तरफ कई दूसरी आपदाएं भी जारी हैं। हाल ही में आए अम्फान तूफान ने तबाही मचायी अब उसके बाद एक और तूफान निसारगा आने वाला है। यह पूर्वी नहीं बल्कि पश्चिमी तट पर आने वाला है। मौसम विभाग ने सोमवार को इसकी चेतावनी दी। विभाग का कहना है कि तीन जून को यह चक्रवाती तूफान महाराष्ट्र के रायगढ़ में हरिहरेश्वर और दमन के बीच से उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों को पार करेगा।

भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक आनंद कुमार दास के मुताबिक, निसारगा का केंद्र कुछ इस तरह रहेगा। यह पणजी से करीब 370 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, सूरत से 920 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में और मुंबई से 690 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है।

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आनंद दास ने बताया कि इसके दो जून की सुबह तक उत्तर की ओर बढ़ने फिर उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने के बाद हरिहरेश्वर और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से तीन जून की शाम या रात तक टकराने की बहुत ज्यादा संभावना है। हरिहरेश्वर शहर मुंबई और पुणे दोनों से 200 किलोमीटर की दूरी पर है। दमन से 360 किलोमीटर दूर है।

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अब इस बीच महाराष्ट्र और गुजरात में 3 जून को संभावित चक्रवात निसर्ग की तैयारियों पर गृहमंत्री अमित शाह ने NDMA, NDRF, IMD और भारतीय तटरक्षक के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। चक्रवात निसर्ग के मद्देनजर गृहमंत्री अमित शाह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया। गृहमंत्री ने चक्रवाती तूफान निसर्ग से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।

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महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने चक्रवात के खतरे से निपटने के लिए तटीय इलाकों में NDRF की टीमों को तैनात कर दिया है। महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 9 टीमों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की टीमें तूफान के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।