उर्वशी पर देशद्रोह लगा, आईआईटी प्रोफेसर से भी एनआईए की पूछताछ

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी चूड़ावाला सहित 50 के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उधर गुवाहाटी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने माओवादियों और कृषक मुक्ति संग्राम समिति से संबंधों को लेकर आईआईटी प्रोफेसर अरुप ज्योति सैकिया से दूसरी बार पूछताछ की है।

नई दिल्लीः जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी चूड़ावाला सहित 50 के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उधर गुवाहाटी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने माओवादियों और कृषक मुक्ति संग्राम समिति से संबंधों को लेकर आईआईटी प्रोफेसर अरुप ज्योति सैकिया से दूसरी बार पूछताछ की है।

एक फरवरी को मुंबई के आजाद मैदान में एलजीबीटीक्यू के कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। यह नारे जामिया मिलिया में देश विरोधी बयान के आरोप में गिरफ्तार शरजील इमाम के समर्थन में लगाए गए थे।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उर्वशी समेत 50 पर केस दर्ज किया गया है। रैली में ‘शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुंचाएंगे’ नारा लगाने वालों में चूड़ावाला सबसे आगे थीं। उनका वीडियो वायरल हो रहा है। भाजपा के पूर्व सांसद किरिट सोमैया ने दो फरवरी को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी और केस नहीं दर्ज करने पर धरने की धमकी दी थी।

आईआईटी प्रोफेसर से इसलिए हो रही पूछताछ

उधर, गुवाहाटी में एनआईए की टीम ने आईआईटी-गुवाहाटी में इतिहास के प्रोफेसर अरूप ज्योति सैकिया से पूछताछ की है। इससे पहले सोमवार को सैकिया को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सैकिया पांच घंटे तक एनआईए के दफ्तर में रहे थे। सैकिया से दिसंबर में सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन के संबंध में पूछताछ की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें कृषक मुक्ति संग्राम समिति के वरिष्ठ नेता अखिल गोगोई को गिरफ्तार किया गया है।

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सूत्रों के अनुसार प्रोफेसर सैकिया से माओवादियों और कृषक मुक्ति संग्राम समिति से संबंधों के संबंध में पूछताछ की गई है। अखिल गोगोई के वकील बोरठाकुर का कहना है कि अखिल गोगोई 2005 से केएमएसएस के नेता हैं। तमाम अवसरों पर गिरफ्तार हुए हैं यहां तक कि एनआईए के तहत भी गिरफ्तार हुए हैं लेकिन उनके माओवादियों से गठजोड़ साबित नहीं हो पाया है। यह भी कहा गया है कि प्रोफेसर सैकिया से गोगोई मामले में गवाह के तौर पर पूछताछ की है।