शराब की फैक्ट्रियों, विरोध में आये साधु-सन्यासी, उठाया ये बड़ा कदम  

देवभूमि में शराब की फैक्ट्रियों को लेकर हरिद्वार के देवपुरा चौक पर पिछले ग्यारह दिनों से अनशन कर रहे लोगों ने अब अपना आंदोलन तेज कर दिया है। आज हरिद्वार में बड़ी संख्या में साधु संतों ने पहुंचकर क्रमिक अनशन को अपना समर्थन दिया और राज्य सरकार से देवभूमि में तत्काल शराब की फैक्ट्रियों को बंद करने की मांग की।

Published by SK Gautam Published: September 16, 2019 | 4:19 pm
Modified: September 16, 2019 | 4:39 pm

उत्तराखंड: हरिद्वार में आबकारी विभाग की लगातार करवाई के बाद भी कच्ची शराब का कारोबार करने वालों के हौंसले बुलंद हैं। आबकारी विभाग की टीम ने पथरी थाना क्षेत्र के दिनारपुर डेरा में पहुंचकर छापेमारी की। छापेमारी में टीम को मौके पर कच्ची शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री काफी मात्रा  में मिली।

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टीम ने मौके पर मौजूद लगभग दो हजार लीटर लाहन नष्ट कर दिया। हालांकि आबकारी विभाग की टीम के पहुँचने से पहले  तस्कर भाग निकले। आबकारी निरीक्षक लक्ष्मण बिष्ट ने बताया कि फरार आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।

अनशन कर रहे लोगों ने अब अपना आंदोलन तेज कर दिया है

देवभूमि में शराब की फैक्ट्रियों को लेकर हरिद्वार के देवपुरा चौक पर पिछले ग्यारह दिनों से अनशन कर रहे लोगों ने अब अपना आंदोलन तेज कर दिया है। आज हरिद्वार में बड़ी संख्या में साधु संतों ने पहुंचकर क्रमिक अनशन को अपना समर्थन दिया और राज्य सरकार से देवभूमि में तत्काल शराब की फैक्ट्रियों को बंद करने की मांग की। संतो ने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो संत समाज जेल भरो आंदोलन तक करने में पीछे नहीं हटेगा।

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संतों में चेतावनी दी की एक ओर तो केंद्र सरकार नमामि गंगे जैसी योजना चला रही है और दूसरी ओर राज्य सरकार देवभूमि में गंगा के उद्गम स्थल देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री स्थापित कर गंगा को मैला करने का कार्य कर रही है। जिसके विरोध में कल हरिद्वार के चंडी घाट स्थित नमामि गंगे घाट पर बड़ी संख्या में साधु संत गंगा में उतर कर अनशन करेंगे।