अरे ये क्या! तो लड़कियों को अब नौजवान शिक्षक नहीं पढ़ाएंगे

राज्य सरकार के इस फैसले को एक्सपर्ट्स ने अपरिपक्व और बचकाना बताया है। बाद में शिक्षा मंत्री गोविंद दोटासरा ने यह भी कहा कि यह फैसला तभी लागू किया जाएगा, जब हमारे पास पर्याप्त संख्या में महिला शिक्षक होंगी।

जयपुर: राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने शुक्रवार को एक अजीबो-गरीब निर्णय लेते हुए कहा है कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब 50 साल से कम उम्र के पुरुष शिक्षक नहीं पढ़ाएंगे। इन शिक्षकों की जगह पर महिला शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। ऐसा फैसला  इसलिए लिया गया क्योंकि लड़कियों के साथ हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोका जा सके।

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यह फैसला तभी लागू किया जाएगा, जब पर्याप्त संख्या में महिला शिक्षक होंगी

बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के इस फैसले को एक्सपर्ट्स ने अपरिपक्व और बचकाना बताया है। बाद में शिक्षा मंत्री गोविंद दोटासरा ने यह भी कहा कि यह फैसला तभी लागू किया जाएगा, जब हमारे पास पर्याप्त संख्या में महिला शिक्षक होंगी। सूत्रों के मुताबिक, संभवत: हाल ही में कुछ पुरुष शिक्षकों द्वारा लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद ऐसा फैसला लिया गया है।

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लड़कियों की समस्याएं समझ सकेंगी महिला शिक्षक

शिक्षामंत्री गोविंद डोटासरा ने आगे कहा, ‘शिक्षक संगठनों और शिक्षकों से बातचीत करने के बाद हम एक रोडमैप तैयार करेंगे और नीति बनाएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा महिला शिक्षकों की नियुक्ति हो सके। महिला शिक्षकों के होने से लड़कियां उनसे अपनी मां और बहन की तरह की अपनी समस्याओं के बारे में बात कर सकेंगी और उन्हें किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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गौरतलब है कि राजस्थान में फिलहाल कुल 68,910 स्कूल ऐसे हैं, जहां लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं। सिर्फ 1,019 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ लड़कियां पढ़ती हैं। कुल 3.8 लाख शिक्षकों वाले राजस्थान में पुरुष शिक्षकों और महिला शिक्षकों का अनुपात 2:1 का है।