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रामभुआल जैसे लोग मछुवारा समाज को बेचकर तरक्की कर रहे : संजय निषाद 

सपा से नाता तोड़ने वाली निषाद पार्टी पर गोरखपुर से सपा उम्मीदवार व पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद ने आरोप लगाया कि भाजपा से मोटी रकम लेकर उन्होंने सपा गठबंधन को तोड़ा है। इसी आरोप का करारा जवाब देते हुए पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि रामभुआल जैसे लोग मछुवारा समाज को बेचते रहे हैं।

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RishiBy Rishi

Published on 1 April 2019 6:36 AM GMT

रामभुआल जैसे लोग मछुवारा समाज को बेचकर तरक्की कर रहे : संजय निषाद 
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लखनऊ : सपा से नाता तोड़ने वाली निषाद पार्टी पर गोरखपुर से सपा उम्मीदवार व पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद ने आरोप लगाया कि भाजपा से मोटी रकम लेकर उन्होंने सपा गठबंधन को तोड़ा है। इसी आरोप का करारा जवाब देते हुए पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि रामभुआल जैसे लोग मछुवारा समाज को बेचते रहे हैं। उसी रकम से खुद की तरक्की की सीढ़ी चढ़ते रहे हैं। जबकि निषाद पार्टी पूरे समाज की तरक्की पसंद है। भुआल को मछुवारा समाज चुनाव में करारा जवाब देगा।

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निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय का कहना है कि निषाद पार्टी जबसे वजूद में आई है तबसे मछुवारा समाज की सभी 17 उपजातियों के लोगों के कल्याण के लिए हमारी पार्टी तत्पर रही है। इन्हें अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन किया है।

उन्होंने कहा, रामभुआल निषाद पूर्व में मंत्री भी रहे हैं लेकिन उनके पास मछुवारा समाज के किसी भी व्यक्ति की तरक्की का उदाहरण नहीं होगा। उन्होंने खुद के विकास के लिए मछुवारा समाज के कुछ लोगों को सपा मुखिया के पास गिरवी रखकर अकूत संपत्ति कमाई। सपा मुखिया ने टिकट दिया तो वह बोलवचन वाले हो गए। हम सपा के समर्थक होने के बजाय अकेले लड़ना पसंद करते हैं।

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पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि निषाद पार्टी हमेशा मछुवारा समाज के हित को ध्यान में रखकर कदम दर कदम चली है। एनडीए से बातचीत का मसला भी इसका प्रमाण है, क्योंकि हमारी कोशिश है कि मछुवारा समाज की हिस्सेदारी राष्ट्रीय दल के साथ मिलकर हो तो परिणाम दूरगामी और बेहतरीन होंगे। भाजपा नेताओं से बातचीत करना रामभुआल जैसे लोगों को अखर रहा है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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