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प्रधानमंत्री बनने के लिए यूपी के चुनावी समर में है कई पूर्व मुख्यमंत्री

इस लोकसभा चुनाव में यूपी से पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में है। गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे मुलायम केंद्र सरकार में रक्षामंत्री के पद पर रह चुके है और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजना उनकी बहुचर्चित सियासी महत्वकांक्षा मानी जाती है।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 13 May 2019 3:41 PM GMT

प्रधानमंत्री बनने के लिए यूपी के चुनावी समर में है कई पूर्व मुख्यमंत्री
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मनीष श्रीवास्तव

लखनऊ: राजनीति में एक कहावत है कि दिल्ली की गददी का रास्ता यूपी से होकर जाता है। कमोबेश यह सही भी है। दिल्ली के सिंहासन पर विराजने वाले 14 प्रधानमंत्रियों में से आठ यूपी से चुने गये थे। मौजूदा लोकसभा चुनाव में भी यूपी से ऐसे कई पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव लड़ रहे है, जिनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा इस सर्वोच्च सियासी मुकाम को पाने की है।

इस लोकसभा चुनाव में यूपी से पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में है। गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे मुलायम केंद्र सरकार में रक्षामंत्री के पद पर रह चुके है और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजना उनकी बहुचर्चित सियासी महत्वकांक्षा मानी जाती है। हालांकि माना यह भी जा रहा है कि यह मुलायम का आखिरी चुनाव है।

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मुलायम के पुत्र अखिलेश यादव भले प्रधानमंत्री बनने का दावां न करते हो लेकिन लोकसभा चुनाव में मोदी का विजयरथ रोकने के लिए बसपा व रालोद के साथ गठबंधन के पीछे की तस्वीर यह भी बताती है कि अगर उन्हे मौका मिला तो वह इस पद को पाने में कोई कसर नहीं छोडेंगे। अपने बयानों में उन्होंने कहा भी है कि इस लोकसभा चुनाव में नया प्रधानमंत्री होगा और वह भी यूपी से ही होगा। अखिलेश यूपी की आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे है।

इसी तरह गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के समय भी उनके प्रधानमंत्री बनने की चर्चा बहुत गर्म थी। इस चुनाव में भी दबी जुबान से यह गणित बतायी जा रही है कि अगर भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और दूसरे दलों से समर्थन लेकर सरकार बनाने की नौबत आयी तो प्रधानमंत्री की कुर्सी के राजनाथ सिंह का नाम सबसे आगे होगा।

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गुजरात के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके नरेंद्र मोदी वैसे तो पिछले लोकसभा चुनाव में ही अपनी इस महत्वकांक्षा को पूरा कर चुके है लेकिन वह एक बार फिर से यूपी के वाराणसी से चुनाव मैदान में है और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के घोषित दावेदार है। अहम बात यह है कि मौजूदा लोकसभा चुनाव मोदी समर्थन और विरोध पर ही लड़ा जाता दिख रहा है।

इनके अलावा एक और पूर्व मुख्यमंत्री है, जो स्वयं तो चुनाव नहीं लड़ रही है लेकिन इस लोकसभा चुनाव में पूरे जोर-शोर से सक्रिय है। बसपा सुप्रीमों मायावती ने लोकसभा चुनाव के लिए सपा व रालोद के साथ गठबंधन किया है और गठबंधन प्रत्याशियों के लिए जमकर प्रचार कर रही है। बरसो पुरानी सियासी रंजिश को भूला कर सपा संग गठबंधन करने वाली मायावती भी प्रधानमंत्री पद की दांवेदार मानी जा रही है। उनके समर्थकों का मानना है कि अगर गठबंधन की सीटे अच्छी आई और केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने का मौका मिला तो प्रधानमंत्री की कुर्सी पर दलित महिला के तौर पर मायावती से बेहतर कोई और नहीं हो सकता है।

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