अपनी सरकार स्वयं चुनूंगा मैं मतदान जरूर करूंगा

मै सभी मतदाताओं को आज बहुत बधाई देना चाहता हूं और शुभकामना देना चाहता हूं सशक्त सरकार के लिए आपका मतदान उतना ही आवश्यक है जितना आपको अपने जीवन में यापन के लिए रोटी का खाना।

Published by राजीव गुप्ता जनस्नेही Published: January 25, 2021 | 7:57 am
Modified: January 25, 2021 | 8:09 am
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(फोटो- सोशल मीडिया)

Rajiv Gupta Janasnehi

राजीव गुप्ता जनस्नेही

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारतवर्ष है| भारतवर्ष जिस प्रकार विकास की राह में साक्षरता को बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहा है वह काबिले तारीफ है, परंतु इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए मतदान करने वाले भारतीयों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है| विशेषकर युवाओं में मतदान के प्रति रुझान कम दिख रहा था।

इसी बात को मद्देनजर रखते हुए भारत का निर्वाचन आयोग ईसीआई जो 25 जनवरी 1950 को अस्तित्व में लाया गया था के इसी स्थापना दिवस 25 जनवरी 2011 को सभी मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए मतदाता दिवस के रूप में भारत सरकार द्वारा निर्णय लिया गया।

दसवां राष्ट्रीय मतदाता दिवस

2011 से प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मतदाता दिवस मनाया जा रहा है|इस वर्ष दसवां राष्ट्रीय मतदाता दिवस के साथ 61 वां भारतीय निर्वाचन आयोग बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा ।हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मुख्य अतिथि के रूप में भारत के माननीय राष्ट्रपति जी की उपस्थिति में नई दिल्ली में मनाया जाता है| समारोह में स्वागत भाषण से शुरुआत होती है ।

कई सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे लोकनृत्य, नाटक ,संगीत ,विभिन्न विषयों पर ड्राइंग पेंटिंग आदि का आयोजन किया जाता है |चुनाव आयोग के अध्यक्ष द्वारा कई राष्ट्रियो के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मतदाता दिवस व स्थापना दिवस मनाया जाता है ।हर राज्य में चुनाव आयोग की शाखाएं अपने अपने राज्य में व जिले में प्रशासन व गैर सरकारी संगठनों ,स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम को अंजाम देते हैं।

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अधिकार और कर्तव्य

कार्यक्रम में पेम्पलेट और पोस्टरों के द्वारा मतदाताओं को उनके अधिकार और कर्तव्यों का के बारे में बताया जाता है| कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे अपने आप ही वोट डालने का अधिकार नहीं प्राप्त होता है| उसे अपना समस्त पत्रावली के साथ अपने आप को चुनाव आयोग को सूचित व नाम लिखवाना होता है तभी उसका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है।

नाम जुड़ने के बाद उस जिले में या राज्य में कोई भी चुनाव होता है तभी वह वोट डालने का अधिकारी बनता है| इस विषय में यह भी बताया जाता है कि उसे अपने वोट का एक ही बूथ पर अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए |अगर दो जगह उसका वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे वह जानकारी मिलते ही जहां वह रहता है या जहां उसे वोट डालने में सुविधा होती है वहीं पर उसे अपना नाम रखना चाहिए ।

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मतदाता पात्रता की आयु

भारतवर्ष में आजादी के बाद से चुनाव देने की आयु की वैधता 21 वर्ष थी परंतु मतदान का प्रतिशत व लोकतंत्र के चुनाव ज़्यादा भागीदारी हेतु इसको वर्ष 1988 में 18 वर्ष कर दिया गया ।1998 इनके साथ में संशोधन विधेयक ने भारत में मतदाता पात्रता की आयु भी कम कर दी।लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र मतदान होता है| मेरा सभी मतदाताओं से निवेदन है कि आज मतदाता दिवस पर वह अपने आप से शपथ लें कि मैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने मत का प्रयोग अवश्य करूंगा।

अगर हम अपने मत का प्रयोग नहीं करते हैं तो हमें किसी भी चुनी हुई सरकार की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं होता है ।मै सभी मतदाताओं को आज बहुत बधाई देना चाहता हूं और शुभकामना देना चाहता हूं सशक्त सरकार के लिए आपका मतदान उतना ही आवश्यक है जितना आपको अपने जीवन में यापन के लिए रोटी का खाना।

(राजीव गुप्ता जनस्नेही, लोक स्वर आगरा)

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