Top

अखिलेश ने मेरे पक्ष में रैली करके संघ का एजेंडा नाकाम किया : अफजाल

अंसारी ने मंगलवार को 'भाषा' से बातचीत में कहा कि संघ के एजेंडा के तहत भाजपा और मीडिया के एक वर्ग ने साजिशन यह बात फैलायी कि अखिलेश उनके पक्ष में प्रचार करने नहीं जाएंगे। मगर सपा अध्यक्ष ने रैली करके इस नापाक एजेंडा को नाकाम कर दिया है।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 14 May 2019 10:20 AM GMT

अखिलेश ने मेरे पक्ष में रैली करके संघ का एजेंडा नाकाम किया : अफजाल
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

गाजीपुर (उप्र): पूर्वांचल की सियासत का अहम केन्द्र माने जाने वाले गाजीपुर से सपा—बसपा गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडा को नाकाम कर दिया है।

अंसारी ने मंगलवार को 'भाषा' से बातचीत में कहा कि संघ के एजेंडा के तहत भाजपा और मीडिया के एक वर्ग ने साजिशन यह बात फैलायी कि अखिलेश उनके पक्ष में प्रचार करने नहीं जाएंगे। मगर सपा अध्यक्ष ने रैली करके इस नापाक एजेंडा को नाकाम कर दिया है।

ये भी देंखे:चुनाव परिणाम आने दें, पता चल जायेगा कि किसकी डूब रही नैया: राजनाथ

मालूम हो कि पूर्वांचल में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माने जाने वाले अफजाल अंसारी और उनके भाई मुख्तार अंसारी को वर्ष 2016 में सपा में शामिल करने के सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निर्णय का अखिलेश ने पुरजोर विरोध किया था। इसी वजह से यादव परिवार में दरार पैदा हो गयी थी।

माना जा रहा था कि अखिलेश अब गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर गाजीपुर से चुनाव लड़ रहे अंसारी के समर्थन में सोमवार को होने वाली रैली से किनारा कर सकते हैं। बहरहाल, उन्होंने कल गाजीपुर में रैली को सम्बोधित करके सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।

वर्ष 2004 में गाजीपुर से ही सपा के टिकट पर सांसद चुने जा चुके अंसारी ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन 'स्वाभाविक' है। दोनों पार्टियों के नेतृत्व ने जरूरत महसूस किया कि आज देश में संविधान और लोकतंत्र पर उत्पन्न खतरे को देखते हुए दोनों का मिलना जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि सपा और बसपा की विचारधारा लगभग एक ही जैसी है। दोनों दलों का गठबंधन मोदी के हटने की बड़ी वजह साबित होगा। उत्तर प्रदेश में जो भाजपा पिछले चुनाव में 71 सीटें जीत गयी थी, इस बार उसका दोहरे अंक में भी पहुंचना मुश्किल होगा।

इस सवाल पर कि वर्ष 2017 का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ने वाली ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के इस दफा अलग चुनाव लड़ने का क्या असर पड़ेगा, अंसारी ने कहा 'ओमप्रकाश राजभर अपना वोट अलग लड़कर लेंगे। इससे भाजपा का खेल खराब हो जाएगा। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में जिस कुशवाहा, राजभर, बिंद और निषाद समाज को बेवकूफ बनाकर उसका वोट बटोरा था, वह अब भाजपा का नहीं रहा।'

ये भी देंखे:भोजपुरी भाषा के हक के लिये इन छात्रों ने निकाला ‘चाही हक’ रैप सांग

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में जनता के बुनियादी सवाल सबसे अहम हैं। पिछले पांच साल की मोदी सरकार ने जनता के मूलभूत सवालों पर कोई काम नहीं किया। वह उसके सवाल पर आज कोई चर्चा भी नहीं करना चाहती है। उन बुनियादी सवालों की जमीनी हकीकत के देखते हुए हम लोग चर्चा कर रहे हैं।

मालूम हो कि गाजीपुर लोकसभा सीट पर चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में आगामी 19 मई को मतदान होगा। इस सीट पर भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को एक बार फिर मैदान में उतारा है।

(भाषा)

Roshni Khan

Roshni Khan

Next Story