बिहार विधानसभा का सत्र आज से, शपथ के बाद विपक्ष के हंगामे के आसार

बिहार में 17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 27 नवंबर तक चलने वाले इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने के साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी होगी।

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बिहार विधानसभा का सत्र आज से, शपथ के बाद विपक्ष के हंगामे के आसार

अंशुमान तिवारी 

पटना: बिहार में 17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 27 नवंबर तक चलने वाले इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने के साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी होगी। इस बार के चुनाव में 105 सदस्य पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। नए विधायकों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी को सौंपी गई है। नए विधायकों को शपथ दिलाने के बाद विपक्षी दलों की ओर से सरकार को घेरने की तैयारी है।

विपक्ष एनडीए पर लगातार हमलावर

इस बार के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने एक बार फिर बहुमत हासिल किया है। एनडीए को इस बार के चुनाव में 125 सीटों पर विजय हासिल हुई है जबकि महागठबंधन ने भी मजबूती से चुनाव लड़ते हुए 110 सीटों पर कामयाबी हासिल की है।  चुनावी नतीजों के बाद से ही महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं और विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर हैं। राजद के लगातार हमलों के कारण ही नीतीश कुमार शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को हटाने पर मजबूर हो गए थे।

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पहले दो दिन दिलाई जाएगी शपथ

नवनिर्वाचित विधायकों के स्वागत के लिए विधानसभा को पूरी तरह तैयार किया गया है। कोरोना बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार सत्र का आयोजन सेंट्रल हॉल में करने की तैयारी है। विधानसभा का मौजूदा सत्र 5 दिनों तक चलेगा और पहले दो दिनों के दौरान नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं और इस बार 105 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा की सदस्यता लेंगे। 98 विधानसभा सदस्य ऐसे हैं जो पहले भी चुनाव जीतकर सदन में पहुंच चुके हैं।

मांझी दिलाएंगे विधायकों को शपथ

जानकारों का कहना है कि हम के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है और वे सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। सबसे पहले उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को शपथ दिलाई जाएगी और फिर दूसरी डिप्टी सीएम रेणु देवी शपथ लेंगी। इसके बाद नीतीश कैबिनेट के अन्य मंत्रियों विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शीला कुमारी, अमरेंद्र प्रताप सिंह, डॉक्टर रामप्रीत पासवान, जीवेश मिश्रा और रामसूरत राय को क्रमशः शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद विधानसभा क्षेत्र की संख्या के हिसाब से विधायकों को शपथ दिलाने का काम किया जाएगा।

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इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगा विपक्ष

सियासी जानकारों का कहना है कि पांच दिवसीय सत्र के दौरान विपक्ष के पूरी तौर पर हमलावर रहने के लिए आसार दिख रहे हैं। राजद के नेता और पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए गए तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद लगातार हमलावर रुख अपना रखा है और माना जा रहा है कि सत्र के दौरान भी विपक्ष सरकार पर पूरी तरह हमलावर रहेगा।
विपक्ष की ओर से स्वास्थ्य, रोजी-रोजगार और कानून-व्यवस्था की स्थिति समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी है।

नीतीश कुमार के सामने कई चुनौतियां

सूत्रों के मुताबिक इस बार के विधानसभा चुनाव के नतीजों में विपक्ष भी काफी मजबूत बनकर उभरा है। इसके साथ ही नीतीश कुमार की पार्टी जदयू सियासी नजरिए से पहले से काफी कमजोर हो गई है। इस बार के चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू सिर्फ 43 विधानसभा सीटों पर चुनाव जीतने में कामयाब हो सकी है जबकि भाजपा बड़े भाई की भूमिका में आ गई है क्योंकि उसे 74 विधानसभा सीटों पर विजय हासिल हुई है।

राज्य में सबसे बड़ा सियासी दल बनकर राजद उभरा है और उसे 75 सीटों पर विजय हासिल हुई है। सियासी स्थितियों को देखते हुए नीतीश कुमार को इस बार तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

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