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बिहार चुनाव से पहले NDA में भी खटपट, लोजपा का CM नीतीश पर बड़ा हमला

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में भी खटपट शुरू हो गई है। एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने बाढ़ और कोरोना से निपटने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 10 Aug 2020 3:19 PM GMT

बिहार चुनाव से पहले NDA में भी खटपट, लोजपा का CM नीतीश पर बड़ा हमला
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Lok Janshakti Party attack on CM Nitish
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अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में भी खटपट शुरू हो गई है। एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने बाढ़ और कोरोना से निपटने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री दोनों स्थितियों से निपटने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोजपा राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

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बाढ़ और कोरोना संकट पर घेरा

बिहार के कई जिलों में इन दिनों बाढ़ का कहर दिख रहा है और राज्य के करीब 75 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इसके साथ ही कोरोना का संक्रमण भी काफी तेजी से फैल रहा है और संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ‌ऐसे ही एनडीए के घटक लोजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। लोजपा के मुखिया चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य की दो बड़ी मुसीबतों से निपटने में नाकाम साबित हुए हैं।

नीतीश नहीं बदल पाए बिहार की सूरत

उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि नीतीश कुमार 15 साल से सत्ता में है मगर उनके कार्यकाल के दौरान बिहार की सूरत नहीं बदली। उन्होंने कहा कि मैंने कई बार बिहार की नदियों को आपस में जोड़ने का मुद्दा उठाया है और इस बाबत पत्र लिखे हैं मगर मेरे पत्रों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ‌ उन्होंने राज्य में कोरोना के हालात को भयावह बताते हुए कहा कि संक्रमण रोक पाने में सरकारी मशीनरी नाकाम साबित हो रही है।

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर जोर

पासवान ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले ही एनडीए को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाना होगा। अगर इसे चुनाव से पहले नहीं बनाया गया तो चुनाव के बाद यह कभी तय नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार बनती है और लोजपा उस सरकार में शामिल होती है तो सरकार को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर ही चलाना होगा। पासवान ने कहा कि एनडीए में मुख्य रूप से तीन पार्टियां हैं और अगर ये तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ती हैं तो तीनों को एक एजेंडा भी बनाना होगा।

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मौजूदा हालात में चुनाव उचित नहीं

वैसे पासवान ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात चुनाव कराने के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है और ऐसे में विधानसभा चुनाव कराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल रैलियों का आयोजन करते हैं और नुक्कड़ सभाएं भी होती हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना काफी कठिन काम है। पासवान ने कहा कि मैंने इस बाबत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी बात की है। हालांकि उनका कहना है कि इस बाबत अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करेगा।

विपक्षी महागठबंधन में भी खटपट

राज्य में विधानसभा चुनाव में नीतीश की अगुवाई वाले एनडीए और राजद की अगुवाई वाले विपक्षी महागठबंधन में मुख्य लड़ाई होनी है मगर दोनों गठबंधन में खटपट दिख रही है। विपक्षी महागठबंधन में भी नेतृत्व को लेकर खींचतान का दौर चल रहा है। हालांकि राजद ने साफ कर दिया है कि महागठबंधन में शामिल होने वाले दलों को तेजस्वी यादव का नेतृत्व स्वीकार करना होगा।

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