नागरिकता बिल: राज्यसभा में मोदी सरकार की अग्नि परीक्षा, जंग के लिए तैयार विपक्ष

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल आसानी से पास हो गया। अब इस बिल को बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है।

नई दिल्ली: लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल आसानी से पास हो गया। अब इस बिल को बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है। इस बिल में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रस्ताव है।

राज्यसभा में इस बिल पर बहस के लिए 6 घंटे का समय तय किया गया है। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराना मोदी सरकार के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। राज्यसभा में इस दौरान हंगामे की पूरी संभावना है, क्योंकि सत्त पक्ष और विपक्ष दोनों ने जंग के लिए तैयार हैं। बीजेपी के अलावा कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने भी अपने सांसदों को राज्यसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

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नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने की वजह से लोकसभा में सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यसभा में समर्थन देने के लिए शर्त रख दिया जिसकी वजह से सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। इस बिल को राज्यसभा में पास कराना चुनौती साबित हो सकती है।

बिल को पास कराने के लिए 121 वोट की जरूरत

राज्यसभा में कुल 245 सांसद हैं, लेकिन पांच सीटें खाली हैं, जिसकी वजह से फिलहाल कुल सदस्यों की संख्या 240 है। मतलब है अगर राज्यसभा के सभी सांसद मतदान करें तो बहुमत के लिए 121 वोट की जरूरत पड़ेगी।

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राज्यसभा में सरकार का आंकड़ा

नागरिकता संशोधन बिल पर लोकसभा में जिन दलों ने समर्थन दिया है उसके मुताबिक राज्यसभा में आंकड़ों को देखें तो बीजेपी के 83, जेडीयू के 6, बीजेडी के 7, एआईएडीएमके के 11, एसएडी के 3, आरपीआई के 1, एलजेपी के 1, वाईएसआर कांग्रेस के 2, टीडीपी के 2, एजीपी के 1, बीपीएफ के 1, एनपीएफ के 1, एसडीएफ के 1, नॉमिनेटेड 3 सदस्य, निर्दलीय एवं अन्य 4 सदस्यों के साथ सभी 127 सांसद हैं बिल के पक्ष में वोट कर सकते हैं। राज्यसभा में नागरिक संशोधन बिल पास कराने के लिए मोदी सरकार को जितने वोट की जरूरत है उससे काफी ज्यादा संख्या में सांसद उनके पक्ष में वोट कर सकते हैं।

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विपक्ष के सांसदों की संख्या

नागरिकता संशोधन बिल क पर विपक्ष का जिस तरह से रुख है। इसके बावजूद विपक्ष राज्यसभा में इस विधेयक को रोकने में बहुत मजबूत स्थिति में दिख नहीं रहा है। राज्यसभा में कांग्रेस के 46, टीएमसी के 13, एनसीपी के 4, सपा के 9, आप के 3, बसपा के 4, सीपीआई के 1, सीपीएम के 5, डीएमके के 5, आईयूएमएल के 1, पीडीपी के 2, जेडीएस के 1, केरल कांग्रेस एम के 1, एमडीएमके के 1, पीएमके के 1, आरजेडी के 4, शिवसेना के 3, टीआरएस के 6, 1 नॉमिनेटेड सदस्य और 2 निर्दलीय सांसद हैं। इस तरह विपक्ष के पास 113 सांसद हैं।