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कांग्रेस का नया अध्यक्ष: मई में होगा बड़ा ऐलान, कार्यसमिति की बैठक में फैसला

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु व असम सहित कई राज्यों में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस कारण मई में चुनाव कराने का फैसला किया गया है। वर्चुअल ढंग से हुई इस बैठक में सोनिया गांधी ने मई महीने में पार्टी का नया अध्यक्ष चुने जाने का एलान किया।

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ShreyaBy Shreya

Published on 22 Jan 2021 9:49 AM GMT

कांग्रेस का नया अध्यक्ष: मई में होगा बड़ा ऐलान, कार्यसमिति की बैठक में फैसला
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नई दिल्ली: कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव मई तक टाल दिया गया है। कांग्रेस कार्यसमिति की शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक में इस बात का एलान किया गया।

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु व असम सहित कई राज्यों में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस कारण मई में चुनाव कराने का फैसला किया गया है। वर्चुअल ढंग से हुई इस बैठक में सोनिया गांधी ने मई महीने में पार्टी का नया अध्यक्ष चुने जाने का एलान किया।

दो साल बाद मिलेगा स्थायी अध्यक्ष

2019 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। उस समय पार्टी को जल्दी ही नया अध्यक्ष मिलने की उम्मीद जताई गई थी मगर इस एलान के बाद साफ हो गया है कि पार्टी को करीब दो साल बाद नया अध्यक्ष मिलेगा।

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SONIA GANDHI (फोटो- सोशल मीडिया)

असंतुष्ट नेताओं ने लिखी थी सोनिया को चिट्ठी

लोकसभा चुनाव में हार के बाद विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। यही कारण है कि पार्टी का एक धड़ा लगातार पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा था। पार्टी में स्थायी अध्यक्ष की मांग को लेकर पिछले दिनों गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल सहित 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था।

सिब्बल ने फिर उठाई नए अध्यक्ष की मांग

सिब्बल ने हाल में एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में भी पार्टी का स्थायी अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की थी। उनका कहना था कि पार्टी में जल्द से जल्द आंतरिक चुनाव कराए जाने चाहिए ताकि पार्टी को सियासी रूप से मजबूत बनाया जा सके।

उनका कहना था कि स्थायी अध्यक्ष न होने से पार्टी की गतिविधियां ठंडी पड़ी हुई हैं और कांग्रेस भाजपा को कड़ी चुनौती दे पाने में कामयाब नहीं हो पा रही है।

विधानसभा चुनावों के कारण ताले चुनाव

नए स्थायी अध्यक्ष की तेज होती मांग के कारण पहले ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा जरूर होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बाबत बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेश के संगठन चुनाव मई में कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव मई तक टाले गए हैं।

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RAHUL GANDHI (फोटो- ट्विटर)

राहुल की फिर ताजपोशी के कयास

वैसे कांग्रेस में लंबे समय से इस बात का कयास लगाया जा रहा है कि राहुल गांधी की ही एक बार फिर अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी होगी। राहुल समर्थक उन्हें अध्यक्ष पद की फिर कमान संभालने के लिए राजी करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि अभी तक राहुल गांधी ने इस बाबत हामी नहीं भरी है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि यदि राहुल गांधी अध्यक्ष पद संभालने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में गांधी परिवार के भरोसेमंद और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ताजपोशी की जा सकती है।

29 मई को हो सकता है पार्टी का अधिवेशन

सूत्रों के मुताबिक बैठक में वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए मई में चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा। प्राधिकरण की ओर से 29 मई को पार्टी का अधिवेशन आयोजित किए जाने की संभावना है।

नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमला

कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर संवेदनहीनता और अहंकार से ग्रस्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों को पास करने में सरकार ने काफी जल्दबाजी दिखाई और किसान हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई।

यही कारण है कि किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही केंद्र सरकार के तीनों कानूनों को खारिज कर दिया था। सरकार ने विपक्षी की आवाज को दबाते हुए इन कानूनों को पास किया है।

गोपनीय जानकारी लीक होने का मुद्दा उठाया

कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर विषय बताते हुए गोपनीय जानकारी लीक होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है मगर सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

उन्होंने कोरोना संकट से निपटने में सरकार की नीतियों को भी गलत बताया और कहा कि इस वजह से कई नुकसान उठाने पड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की कोरोना टीकाकरण अभियान में पूरी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन किया जाएगा। उन्होंने पार्टी नेताओं से विधानसभा चुनावों की तैयारी पर भी ध्यान देने की अपील की।

अंशुमान तिवारी

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