ड्रामा खत्म! घर वापस आया कांग्रेस अध्यक्ष पद

शनिवार को दिनभर में कई परामर्श बैठके हुईं। इसके बाद रात में सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई तो पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी से दोबारा अपने फैसले पर सोचने को कहा और उनसे यह भी आग्रह किया गया कि वह वापस से अध्यक्ष पद ग्रहण करें लेकिन राहुल गांधी ने साफ मना कर दिया।

ड्रामा खत्म! घर वापस आया कांग्रेस अध्यक्ष पद

ड्रामा खत्म! घर वापस आया कांग्रेस अध्यक्ष पद

नई दिल्ली: कांग्रेस की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) में शनिवार को सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं, राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। बता दें, बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को काफी मनाने की कोशिश की लेकिन राहुल ने साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद ये फैसला लिया गया कि जब तक पार्टी को अध्यक्ष नहीं मिलता है, तब तक सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष होंगी।

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पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी द्वारा पार्टी नेताओं का आग्रह ‘विनम्रता से अस्वीकार किए जाने’ के बाद सीडब्ल्यूसी ने सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया। वह नए अध्यक्ष के चुनाव तक यह जिम्मेदारी निभाएंगी।

सीडब्ल्यूसी की दो बैठकों में पारित हुए तीन प्रस्ताव

सीडब्ल्यूसी की दो बार हुई बैठक में तीन प्रस्ताव भी पारित किए। एक प्रस्ताव में बतौर अध्यक्ष राहुल गांधी के योगदान की सराहना की गई है, दूसरे में सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किए जाने तथा तीसरे प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर की स्थिति का उल्लेख है।

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सोनिया गांधी 14 मार्च, 1998 से 16 दिसंबर, 2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी हैं और उनके अध्यक्ष रहते 2004 से 2014 तक पार्टी केंद्र में सत्तासीन रही। सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का कदम युवा और अनुभवी नेताओं के बीच सामंजस्य बनाते हुए पार्टी को आगे ले जाने की रणनीति के तहत उठाया गया है।

सोनिया गांधी के पास काम करने का लंबा अनुभव

माना जा रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में काम करने वाले युवा नेताओं को सोनिया के तहत काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी तथा अनुभवी नेताओं का तो सोनिया के नेतृत्व में काम करने का लंबा अनुभव है।

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कांग्रेस के नए अध्यक्ष पर फैसले को लेकर शनिवार को सीडब्ल्यूसी की दो बैठकें हुईं। सुबह की बैठक के बाद सीडब्ल्यूसी के नेताओं ने पांच अलग-अलग समूहों- पूर्वोत्तर क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, उत्तर क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र- में बांटकर प्रदेश अध्यक्षों, राष्ट्रीय सचिवों तथा कई अन्य पदाधिकारियों के साथ परामर्श बैठकें कीं तथा उनकी राय ली।

राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व करते रहना चाहिए

इन परामर्श बैठकों में यह आम राय बनी कि राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व करते रहना चाहिए, हालांकि राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की सुबह की बैठक में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार नहीं करेंगे।

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शनिवार को दिनभर में कई परामर्श बैठके हुईं। इसके बाद रात में सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई तो पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी से दोबारा अपने फैसले पर सोचने को कहा और उनसे यह भी आग्रह किया गया कि वह वापस से अध्यक्ष पद ग्रहण करें लेकिन राहुल गांधी ने साफ मना कर दिया।