हार्दिक पटेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कांग्रेस ने गुजरात में सौंपा ये बड़ा पद

कांग्रेस ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को अब बड़ी जिम्मेदारी दी है। पार्टी ने हार्दिक पटेल को अब गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को अब बड़ी जिम्मेदारी दी है। पार्टी ने हार्दिक पटेल को अब गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। हार्दिक पटेल लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

कांग्रेस ने गुजरात में पार्टी को मजबूत करने के लिए हार्दिक पटेल पर दांव खेला है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हार्दिक पटेल को तत्काल प्रभाव से गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कांग्रेस ने महेंद्र सिंह परमार को आनंद, यासीन गज्जन को द्वारका और आनंद चौधरी को सूरत जिले के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है।

हार्दिक पटेल पाटीदार आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे। अब हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीजेपी के खिलाफ और तीखे तेवर अपना हुए हैं। लोकसभा चुनान के प्रचार के दौरान मार्च 2019 में गांधीनगर जिले की एक रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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20 जुलाई, 1993 को गुजराती पटेल परिवार में हार्दिक पटेल का जन्मे थे। 31 अक्टूबर 2012 को हार्दिक पटेल, पाटीदारों के युवा संगठन सरदार पटेल ग्रुप (SPG) में शामिल हुए और एक महीने से भी कम समय में अपनी वीरमगाम इकाई के अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए।

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सिर्फ 16 महीने में हार्दिक को मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी

2019 के लोकसभा चुनाव से एन पहले हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हुए थे। इस मौके पर हार्दिक पटेल ने कहा था कि लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने कांग्रेस और राहुल गांधी को ही क्यों चुना। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने राहुल गांधी को चुनाव इसलिए किया, क्योंकि वह ईमानदार हैं। वह तानाशाह की तरह काम करने में विश्वास नहीं करते।

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इसलिए नहीं लड़ पाए चुनाव

हार्दिक पटेल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जामनगर सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन 2015 में गुजरात में हुई हिंसा में वह दोषी पाए गए थे। इस मामले में वह हाईकोर्ट में भी अपील की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली और वह चुनाव नहीं लड़ पाए। गुजरात सरकार की तरफ से कहा गया था कि हार्दिक पटेल का आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ 17 एफआईआर और दो देशद्रोह केस दर्ज हैं।

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