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15 अगस्त को कश्मीर में अमित शाह कर सकते हैं ये बड़ा काम

उस दौरान 15 मिनट की कड़ी सुरक्षा के बीच पीएम मोदी ने जोशी व टीम के साथ लाल चौक में तिरंगा फहराया। उस घटना को अब 28 साल पूरे हो चुके हैं और आज मुरली मनोहर जोशी की टीम के सदस्य रहे मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। जम्मू-कश्मीर में अब राज्यपाल शासन है।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 13 Aug 2019 9:17 AM GMT

15 अगस्त को कश्मीर में अमित शाह कर सकते हैं ये बड़ा काम
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श्रीनगर: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बार श्रीनगर में तिरंगा झंडा फहराने आ सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीनगर के लाल चौक में शाह तिरंगा फहराएंगे।

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मालूम हो, 27 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल चौक में मुरली मनोहर जोशी के साथ तिरंगा फहराया था। शाह मोदी के इसी सपने को साकार करने वाले हैं। मोदी ने कड़ी सुरक्षा के बीच 26 जनवरी 1992 को लाल चौक में तिरंगा फहराया था।

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पीएम मोदी शुरू से आर्टिकल 370 के खिलाफ थे। वह चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर यहां पर वह तिरंगा फहराए। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं की अमित शाह 15 अगस्त को कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच तिरंगा फहराने आ सकते हैं।

क्या था पूरा मामला?

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 साल पहले श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। तब जोशी की टीम के सदस्य रहे मोदी ने घनघोर आतंकवाद के बीच श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। हालांकि, इसके बाद से कभी भी लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराया जा सका है।

1992 में किया था ये काम

मोदी ने जोशी के साथ साल 1992 में यह काम किया था। तब मोदी का ये कारनामा पहली बार अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की सियासत करने वाले राजनीतिक दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना। दरअसल, 26 जनवरी 1992 को बीजेपी ने कन्याकुमारी से एकता यात्रा शुरु करते हुए इस यात्रा को लालचौक में तिरंगा फहराते हुए खत्म करने का ऐलान किया है था।

तनावपूर्ण थी स्थिति

तब इस ऐलान के बाद से घाटी में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। इस ऐलान के बाद से आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम यह कह दिया था कि वह घाटी में तिरंगा फहराने नहीं देंगे। पुलिस मुख्यालय में आतंकियों ने बीजेपी की यात्रा से पहले ही ग्रेनेड धमाका कर दिया था। इस दौरान तत्कालीन पुलिस महानिदेशक जेएन सक्सेना जख्मी हो गए थे।

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इस विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात और गंभीर हो गए। इस वजह से मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को तत्कालीन प्रशासन ने हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। जब लाल चौक पर तिरंगा फहराया जा रहा था, तब वहां चारों ओर सुरक्षाकर्मी ही मौजूद थे।

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उस दौरान 15 मिनट की कड़ी सुरक्षा के बीच पीएम मोदी ने जोशी व टीम के साथ लाल चौक में तिरंगा फहराया। उस घटना को अब 28 साल पूरे हो चुके हैं और आज मुरली मनोहर जोशी की टीम के सदस्य रहे मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। जम्मू-कश्मीर में अब राज्यपाल शासन है। घाटी में भारतीय सेना तैनात है और यहां अब किसी को भी तिरंगा फहराने की इजाज़त नहीं है।

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