शिवराज ने ऐसे-ऐसे लोगों को मंत्री पद से नवाज दिया, ये 5 नाम देखकर दंग रह जाएंगे

जातिगत समीकरण साधने के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग से एक-एक आदमी को मंत्री बनाया गया है। खास बात ये है कि इस बार किसी महिला को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।

Published by Aditya Mishra Published: April 21, 2020 | 1:36 pm
Modified: April 21, 2020 | 3:51 pm

भोपाल: शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट का विस्तार आज हो गया है। टीम शिवराज में 5 लोगों को शामिल किया गया है। दिल्ली से सोमवार शाम को हरी झंडी मिलने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गवर्नर लालजी टंडन से फोन बात की थी। उसके बाद राजभवन में शपथग्रहण की तैयारी शुरू हो गई थी। सबसे पहले नरोत्तम मिश्रा ने शपथ ली है।

कैबिनेट में कमल पटेल, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत और मीना सिंह को भी शामिल किया गया है। भोपाल में राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।

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सभी वर्गों को साधने की कोशिश

जातिगत समीकरण साधने के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग से एक-एक आदमी को मंत्री बनाया गया है।  कमलनाथ सरकार को गिराने और बीजेपी को सत्ता में लाने के अहम किरदार रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो चहेते समर्थकों तुलसीराम सिलावट और गोविंद राजपूत को मंत्री बनाकर राजनीतिक बैलेंस भी बनाए रखा गया है।

शिवराज के इस मिनी मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक तीनों समीकरणों पर पूरा फोकस किया गया है। ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, मालवा, विंध्य और मध्य क्षेत्र से एक-एक को कैबिनेट में शामिल किया गया है।

इन्हें मिला मंत्रिपद

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जिन पांच नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई है, उनमें बीजेपी के सीनियर और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है. ऑपरेशन लोटस में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका रही थी। वे बीजेपी से आते हैं। केंद्रीय नेताओं की पसंद के कारण नरोत्तम को मिनी कैबिनेट में शामिल किया गया।

दूसरा नाम सिंधिया खेमे के चेहरे तुलसीराम सिलावट का है। मालवा से आने वाले तुलसीराम सिलावट कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। तीसरा नाम भी सिंधिया खेमे से बुंदेलखंड से प्रतिनिधित्व करने वाले गोविंद सिंह राजपूत का है।

चौथा नाम आदिवासी चेहरा मीना सिंह का है। मीना सिंह प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की नज़दीकी मानी जाती हैं। पांचवां नाम ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा कमल पटेल का है। शिवराज के विरोधी माने जाने वाले कमल पटेल को मिनी कैबिनेट में शामिल किया गया ।