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महाराष्ट्र सरकार में मंत्रियों को मिला विभाग, पर इस विधायक ने छोड़ दिया उद्धव का साथ

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा गया है। इनमें एनसीपी के नेताओं समेत कांग्रेस और शिवसेना के मंत्रियों को उनके कद के आधार पर विभाग दिए गये हैं। जल्द ही सभी मंत्री अपने अपने विभागों का चार्ज भी ले लेंगे।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 5 Jan 2020 3:24 AM GMT

महाराष्ट्र सरकार में मंत्रियों को मिला विभाग, पर इस विधायक ने छोड़ दिया उद्धव का साथ
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मुंबई: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की गठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही मन्त्रिमंडल में जगह और भी विभागों के बंटवारे को लेकर खटपट चल रही थी। लंबी बातचीत और बैठको के बाद अब उद्धव सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा (Maharashtra Portfolio Allocation) हो गया है। इसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार को वित्त-मंत्रालय की तो अनिल देशमुख को गृहमंत्री की पद की कमान मिली है। वहीं इन सब के बीच कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज विधायक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा गया है। इनमें एनसीपी के नेताओं समेत कांग्रेस और शिवसेना के मंत्रियों को उनके कद के आधार पर विभाग दिए गये हैं। जल्द ही सभी मंत्री अपने अपने विभागों का चार्ज भी ले लेंगे। गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख समेत गठबन्धन के वरिष्ठ नेताओं ने इस बारे में काफी चर्चा की। माना जा रहा था कि दलों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। हालंकि एनसीपी नेता अजित पवार ने विवाद की बात को नकार दिया था।

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मंत्रियों में बीच हुआ इन विभागों का बंटवारा:

एनसीपी के नेताओं को महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं। जिसमें खुद अजित पवार को वित्त मंत्रालय की कमान मिली, तो अनिल देशमुख को महाराष्ट्र का गृहमंत्री बनाया गया है। वहीं जयंत पाटिल को जल संसाधन (सिंचाई), छगन भुजबल को फूड और सिविल सप्लाई, दिलिप वाल्से पाटिल को एक्साइज एंड लेबर, जितेंद्र अवहाद को आवास, राजेश तोपे को स्वास्थ्य, राजेंद्र शिंगने को खाद्य एवं औषधि प्रशासन, धनंजय मुंडे को सामाजिक न्याय मंत्रालय दिया गया है।

Uddhav Thackeray

कांग्रेस के नेताओं को मिले ये विभाग:

कांग्रेस के नेताओं में बालासाहेब थोराट को राजस्व विभाग, अशोक चव्हाण को PWD, नितिन राउत को ऊर्जा, वर्षा गायकवाड़ को स्कूली शिक्षा, यशोमति ठाकुर को महिला और बाल कल्याण, केसी पाडवी को आदिवासी विकास, सुनील केदार को डेयरी विकास व पशुसंवर्धन, विजय वड्डेटीवार को ओबीसी कल्याण, असलम शेख को कपड़ा, बंदरगाह और अमित देशमुख को स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति मंत्रालय दिया गया है।

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शिवसेना के नेता सम्भालेंगे ये विभाग:

इसके अलावा शिवसेना के एकनाथ शिंदे शहरी विकास मंत्रालय का भार संभालेंगे। वहीं सीएम के बेटे आदित्य ठाकरे को पर्यावरण और पर्यटन, सुभाष देसाई को उद्योग, संजय राठोड़ को वन, दादा भुसे को कृषि, अनिल परब को परिवहन,संसदीय कार्य, संदीपान भुमरे को रोजगार हमी (EGS), शंकरराव गडाख को जल संरक्षण, उदय सामंत को उच्च व तकनीकी शिक्षा और गुलाब राव पाटिल को जलापूर्ति मंत्रालय का भार दिया गया है।

वहीं कई विधायक ऐसे भी है, को असंतुष्ट हैं। इसी कड़ी में जालना से कांग्रेस विधायक कैलाश गोरंट्याल ने इस्तीफा दे दिया है। कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज गोरंट्याल ने कहा कि मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है। मैं तीसरी बार विधयाक चुना गया हूं और मैंने अपने लोगों के लिए काम किया है। फिर भी मुझे मंत्री नहीं बनाया गया।

बता दें कि उद्धव सरकार में 36 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें एक उपमुख्यमंत्री, 25 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री शामिल हैं।

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Shivani Awasthi

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