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CAA पर विपक्षी दलों में दरार: बैठक से पहले ममता-माया और AAP ने किया किनारा

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) क खिलाफ सोमवार को राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गयी है। एक ओर सीएए को लेकर कांग्रेस विपक्षी दलों की एकता दिखाने की तैयारी में जुटी है, तो वहीं विपक्षी एकता इस मुद्दे में खतरे में नजर आ रही है।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 13 Jan 2020 5:14 AM GMT

CAA पर विपक्षी दलों में दरार: बैठक से पहले ममता-माया और AAP ने किया किनारा
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दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) क खिलाफ सोमवार को राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक (Meeting on CAA) बुलाई गयी है। एक ओर सीएए को लेकर कांग्रेस विपक्षी दलों की एकता दिखाने की तैयारी में जुटी है, तो वहीं विपक्षी एकता इस मुद्दे में खतरे में नजर आ रही है। कई बड़े दलों ने इससे पहले ही किनारा कर लिया। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहले ही इस मीटिंग में शामिल होने से मना कर दिया था, वहीं अब आम आदमी पार्टी भी इसका हिस्सा नहीं बनेगी।

सीएए पर विपक्षी दलों की बैठक आज:

कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर एक जुट होकर रणनीति बनाने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को बैठक के लिए बुलाया है। ये बैठक सोमवार को दिल्ली में संसद भवन में दोपहर 2 बजे होनी है। इस बैठक माध्यम से सीएए के मसले को लेकर विपक्षी एकता का संदेश दिया जाना था।

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खतरे में विपक्षी एकता:

हालंकि बैठक से पहले ही बसपा सुप्रीमो मायावती, ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी ने शामिल होने से मना कर दिया। ये तीनों दल बड़ी राजनीतिक पार्टी है। वहीं सीएम ममता तो सीएए का पुरजोर विरोध कर रही हैं।

ममता की तो टुक, खुद लड़ेंगी अपनी लड़ाई:

पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने विपक्ष की बैठक में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और वाम दल बेकार राजनीति कर रहे हैं और अब वह सीएए और एनआरसी का अकेले विरोध करेंगी। विधानसभा में बोलते हुए ममता बनर्जी ने जेएनयू हिंसा और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा 13 जनवरी को बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक के बहिष्कार की घोषणा भी की थी।

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मायावती ने किया बैठक से किनारा

वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने ट्वीट करते हुए बताया कि बसपा कांग्रेस द्वारा बुलाए गए विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होगी। मायावती ने लिखा, 'जैसा कि विदित है कि राजस्थान में कांग्रेसी सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार वहां बीएसपी के विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है। ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा। इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी।'



'आप' माया-ममता के नक्शोकदम पर :

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के भी इस बैठक में शामिल न होने की जानकारी मिल रही है। पार्टी ने ममता और माया की तरफ सीएए के विरोध में होने वाली बैठक का हिस्सा न बनने का फैसला किया है।

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Shivani Awasthi

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