मायावती को मिला नया ऑफर, छोड़नी पड़ेगी बहुजन समाज पार्टी

कानपुर: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बसपा प्रमुख मायावती को रिपब्लिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का ऑफर दिया है। मगर एक शर्त पर। शर्त ये है कि इसके लिए उनको बहुजन समाजपार्टी को छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी दलित नेताओं को एक होना चाहिए लेकिन मैं बसपा में नहीं जाउंगा। मायावती जी को रिपब्लिक पार्टी में आना चाहिए, जो बाबा साहब अम्बेडकर जी की मूल पार्टी है। मैं रिपब्लिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़कर मायावती जी को देने को तैयार हूं।

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रविवार को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कानपुर पहुंचे थे। उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसके बाद सर्किट हॉउस में प्रेस कांफ्रेस की। मीडिया से बात करते हुए कहा कि मायावती मुझसे सीनियर लीडर हैं। चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। मैं दो बार यहां राज्यमंत्री रहा हूं। मायावती के बारे में मुझे गर्व है कि वो उत्तर प्रदेश में दलित समाज की एक लेडी गुड एडमिस्टेटर हैं। चार बार वो मुख्यमंत्री रही हैं लेकिन तीन बार वो बीजेपी के सर्पोट से मुख्यमंत्री बनी थीं।

राज्य में हो रहे अत्याचार

मायावती का ये आरोप ठीक नहीं है कि बीजेपी के राज्य में अत्याचार हो रहे हैं। दलित पर अत्याचार हमेशा होते रहे हैं। चाहे मुलायम सिंह की सरकार हो या फिर अखिलेश और मायावती की सरकार हो। किसी की भी सरकार हो दलित पर अत्याचार हो रहे हैं। कौन सी पार्टी की सरकार में अत्याचार होते नहीं होते हैं।

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2019 के लोकसभा के चुनाव में जनता ने नरेंद्र मोदी जी को जिम्मेदारी सौंप दी है। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था देश की ठीक नहीं है। आकड़े बता रहे हैं कि जीडीपी 5 प्रतिशत तक आ गई है। अर्थव्यवस्था खराब हुई है, उसका कारण मोदी की सरकार नहीं है। बहुत सालों से ये अर्थव्यवस्था अपने देश की थी। इसको सुधारने की जिम्मेदारी हमारी सरकार की है। आर्थिक मंदी को ठीक करने के लिए हमारा मंत्रिमंडल काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री से करेंगे बात

अगर बिजली के दाम बढ रहे हैं तो मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से बात करूंगा। बिजली के दामों में इजाफा होने से जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो सरकार को दाम कम करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकाल में सिर्फ अश्वासन देने का काम होता था।

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उत्तर प्रदेश की जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को नकार दिया है। प्रदेश में कांग्रेस को एक सीट सोनिया गांधी के रूप में मिली है । राहुल गांधी अपनी अमेठी की सीट भी नहीं बचा पाए थे। वायनाड में जाकर उन्हे खुद को बचाना पड़ा। कांग्रेस पार्टी की गलतियों के कारण ही देश में भ्रष्टाचार बढ़ा है। गरीबी और बेरोजगारी की जिम्मेदार कांग्रेस है।