मेंगलूर रैली में सीएए, एनआरसी को लेकर गरजे राजनाथ सिंह, विपक्ष को चेताया

राजनाथ सिंह ने कहा, एनआरसी पर मैं कहना चाहता हूं कि अगर यह देश में लागू हो भी जाए तो क्या परेशानी है? उन्होंने कहा, क्या किसी देश को ये नहीं पता होना चाहिए कि देश में कितने स्वदेशी हैं, कितने विदेशी हैं?  इसके लागू होने से सरकार के लिए ये जानना आसान हो जाएगा।

नई दिल्लीः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मेंगलूरमें सीएए के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगनिस्तान, यह तीनों थियोक्रेटिक स्टेट (धर्म आधारित राज्य) हैं और वहाँ का राज्य धर्म है इस्लाम जबकि भारत एक सेक्युलर स्टेट (पंथनिरपेक्ष राज्य) है। सीएए किसी की धार्मिक भावना को पीड़ित करने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक प्रताड़ना के शिकार लोगों को राहत देने के लिए लाया गया है। रक्षामंत्री ने विपक्षी दलों को आगाह करते हुए कहा कि आप विपक्षी पार्टी हैं, विपक्ष धर्म का पालन करिए, मगर राष्ट्र धर्म की अनदेखी आपके द्वारा नहीं होनी चाहिए।

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राजनाथ सिंह ने कहा, एनआरसी पर मैं कहना चाहता हूं कि अगर यह देश में लागू हो भी जाए तो क्या परेशानी है? उन्होंने कहा, क्या किसी देश को ये नहीं पता होना चाहिए कि देश में कितने स्वदेशी हैं, कितने विदेशी हैं?  इसके लागू होने से सरकार के लिए ये जानना आसान हो जाएगा।

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सीएए पर राजनाथ सिंह ने कही ये बड़ी बात

उन्होंने कहा, लोग पूछते हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) का क्या होगा? भारत की संसद ने पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर दिया है कि यह भारत का हिस्सा है। मैंने पहले भी कहा है, जम्मू और कश्मीर का काम पूरा हो गया है। अगर अब पाक के साथ बातचीत होती है, तो वे केवल पीओके पर होंगे।

राजनाथ सिंह सीएए के समर्थन में पूरे देश में रैलियां कर रहे हैं। लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बारे समझा रहे हैं। अपने जन जागरण में वह लगातार कह रहे हैं की सीएए नागरिकता देने के लिए बनाई गई है। उन्होंने मुसलमानों को लेकर कहा उन्हें कोई छू भी नहीं पाएगा। एनआरसी से भी किसी को परेशानी नहीं होगी। इसमें किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाएगा।

कश्मीरी पंडितों की वापसी अवश्य होगी

राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन करने और अनुच्छेद 370 के तहत उसे प्राप्त विशेष दर्जा को समाप्त करने के राजग सरकार के फैसले का जबर्दस्त बचाव करते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर वापस जाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।

रक्षा मंत्री ने मेंगलूर में रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि यदि भारत को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो वह ऐसा करने वाले को भी शांति से रहने नहीं देगा। उन्होंने कहा, हम किसी को छूएंगे नहीं, लेकिन यदि हमें कोई परेशान करता है तो हम उसे शांति से रहने भी नहीं देंगे।

1990 के दशक में आतंकवाद के चरम पर रहने के दौरान घाटी से बड़ी संख्या में हुए कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि अब कोई भी ताकत उन्हें उनके घरों में लौटने से नहीं रोक सकती. संशोधित नागरिकता कानून के संबंध में उन्होंने कहा कि यह किसी भी धर्म की भावनाएं आहत करने का कानून नहीं है, बल्कि यह धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को राहत प्रदान करने के लिए है।

महात्मा गांधी की सोच को पूरा किया

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने नेहरू से हिंदुओं, सिखों जैसे अल्पसंख्ययकों के भारत आने पर उन्हें नागरिकता देने को कहा था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी सोच को पूरा किया। कई गैर भाजपा शासित राज्यों द्वारा सीएए को लागू करने से इनकार करने के संबंध में सिंह ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून एक केंद्रीय कानून है और सभी को उसका पालन करना चाहिए। कांग्रेस पर इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य बस इसलिए नहीं भूल जाना चाहिए कि वह विपक्ष में है।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अब पाकिस्तान से बात होगी तो केवल पीओके पर ही होगी. राजनाथ सिंह ने एनआरसी पर भी बात करते हुए कहा कि अगर देश में इसे लागू कर भी दिया जाए तो क्या परेशानी होगी?