भारतीयों के लिए ‘संकट मोचक’ थीं सुषमा स्वराज, भावुक कर देगी आपको ये स्टोरी

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आज 68वां जन्मदिन है। सुषमा स्वराज, एक ऐसी भारतीय महिला राजनीतिज्ञ रहीं, जिनमें वाकपटुता और सरलता का बढ़िया मेल देखने को मिला।

Published by Shreya Published: February 14, 2020 | 12:30 pm
भारतीयों के लिए 'संकट मोचक' थीं सुषमा स्वराज, भावुक कर देगी आपको ये स्टोरी

भारतीयों के लिए 'संकट मोचक' थीं सुषमा स्वराज, भावुक कर देगी आपको ये स्टोरी

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आज 68वां जन्मदिन है। सुषमा स्वराज, एक ऐसी भारतीय महिला राजनीतिज्ञ रहीं, जिनमें वाकपटुता और सरलता का बढ़िया मेल देखने को मिला। सुषमा स्वराज हमेशा अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभाती थीं। वो न केवल भारत में रह रहे नागरिकों बल्कि विदेशों में भी बसे भारतीयों की सहायता के लिए सदा तत्पर रहती थीं।

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‘ऑपरेशन संकट मोचन’, जिसने बचाई सैकड़ों भारतीयों की जान

या यूं कह लें कि विदेशों में बसे भारतीयों के लिए सुषमा स्वराज एक ‘संकट मोचक’ थीं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर सभी देश कद्दावर नेता को याद कर रहे हैं। आज इस खास मौके पर हम आपको सुषमा स्वराज के बारे में एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं, जो उनकी द्वारा दी गई मदद का साक्ष्य बना। हम बात कर रहे हैं ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ की।

सूडान से भारतीयों को सुरक्षित लेकर आईं उनके वतन

बात साल 2016 की है, जब उन्होंने दक्षिण सूडान में छिड़े गृह युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। सुषमा स्वराज के इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के जरिए सूडान में फंसे 150 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया था। इन 150 नागरिकों में से 56 नागरिक केरल के रहने वाले थे।

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एयर लिफ्ट के जरिए वतन वापस लौटे भारतीय

‘ऑपरेशन संकट मोचन’ के तहत जनरल वीके सिंह दो विमान लेकर सूडान पहुंचे थे और करीब 150 भारतीयों को एयर लिफ्ट के जरिए सुरक्षित वतन वापस लाया गया था। इसके बाद लीबिया में सरकार और विद्रोहियों के बीच छिड़ी जंग के दौरान सुषमा स्वराज ने 29 भारतीयों को वहां से सुरक्षित भारत लाया था।

इस परिवार ने मांगी थी सुषमा स्वराज से मदद

‘ऑपरेशन संकट मोचन’ के कई पीड़ितों परिवारों में से एक देढिया परिवार ने सुषमा स्वराज से अपने पति के मदद मांगी थी। मुंबई की रहने वाली नेहा ने ट्विटर पर अपने पति के लिए सुषमा स्वराज से मदद मांगी थी। नेहा के पति हिमेश अपने काम के सिलसिले में साउथ सूडान गए थे, जहां पर जंग के हालात थे। हिमेश भी वहां पर दूसरे भारतीयों के साथ फंस गए थे।

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6 मिनट के अंदर ही दिया जवाब

नेहा ने ट्विटर पर बताया था कि उनके पति एक डायबिटिक मरीज हैं और उस समय और उनके पास इंसुलिन खत्म हो गई थी। अगर वक्त पर उन्हें दवा न मिलती तो उनकी जान भी जा सकती थी। नेहा ने सुषमा स्वराज को ट्वीट किया और उन्होंने केवल 6 मिनट के अंदर ही नेहा को जवाब दिया और वहां मदद भिजवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुषमा स्वराज ने न केवल नेहा के पति हिमेश तक दवाई पहुंचाई बल्कि सूडान में फंसे भारतीयों को भी एयरलिफ्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ को भी लॉन्च किया।

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