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मां-बेटी का अनमोल रिश्ता: एक-दूसरे में बसती जान, जानें फिर क्यों होता है मनमुटाव

यही व्यवहार बार-बार दोहराने से बेटियों का मन ख़राब हो जाता है और बेटी के मन में माँ के लिए और परिजनों के लिए नफरत जगह लेने लगती है। इस दौरान माँ और बेटी के बीच की दूरियाँ बढ़ जाती है।

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sumanBy suman

Published on 4 Jan 2021 3:43 PM GMT

मां-बेटी का अनमोल रिश्ता:  एक-दूसरे में बसती जान, जानें फिर क्यों होता है मनमुटाव
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इसी के चलते बेटी के मन में हीनभावना जन्म लेने लगती है। ये वो दौर होता है जब बेटी के मन में अपनी माँ के लिए प्यार नहीं बचता क्योंकि माँ भी इस तुलनात्मक प्रक्रिया में अपनी बेटी का साथ नहीं देती।
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लखनऊ: किसी भी मां बेटी का रिश्ता बहुत खास होता है। बेटी मां से सबसे ज्यादा करीब होती हैं जो कि एक दोस्ती जैसा रिश्ता भी होता हैं। लेकिन कई बार इस रिश्ते में खटास भी देखी जाती हैं और बेटियां अपनी मां से दूरी बना लेती है। यह मां-बेटी के बीच का भावनात्मक रिश्ता हैं जिसमें कुछ गलतियों की वजह से परेशानियां भी आती हैं। जानते है ये अनमोल रिश्ता मां और बेटी के बीच दूरियों की वजह बनता हैं।

जिम्मेदारियों का अहसास

*बेटियों को हमेशा उनके बचपन में ही जिम्मेदारियों का अहसास करवा दिया जाता है और उन्हें बोला जाता है कि पराये घर जाना है ये काम करो या वो काम करो। कई बार इन जिम्मेदारियों के अहसास की वजह से बेटियां अपना बचपन खो देती हैं। और इसी वजह से वे अपनी मां से दूरियां बना लेती हैं।

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कमियां निकालना

*कई जगह अपने देखा होगा कि बेटी के हर काम पर उसकी कमियाँ गिनवाई जाती हैं या दूसरों से उसकी तुलना की जाती है। यही व्यवहार बार-बार दोहराने से बेटियों का मन ख़राब हो जाता है और बेटी के मन में माँ के लिए और परिजनों के लिए नफरत जगह लेने लगती है। इस दौरान माँ और बेटी के बीच की दूरियाँ बढ़ जाती है।

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तुलना करना

*ये अधिकतर घर की कहानी होती है कि बेटे और बेटियों के बीच में तुलना की जाती है और बेटियों को बेटों से कम माना जाता है। और इसी के चलते बेटी के मन में हीनभावना जन्म लेने लगती है। ये वो दौर होता है जब बेटी के मन में अपनी माँ के लिए प्यार नहीं बचता क्योंकि माँ भी इस तुलनात्मक प्रक्रिया में अपनी बेटी का साथ नहीं देती।

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मन की बात ना समझना

*बेटियों को रोकना टोकना हर घर की बात है। और इसी रोक टोक की वजह से कई बार बेटियाँ अपनी माँ से दूर होती जाती हैं। बेटियों की मन की बात अगर मां ही न समझ पाए तो ये दूरियां जायज है। इसलिए अत्यधिक रोक टोक पर बेटियां अपनी मां से थोड़ी दूरी बना लेती हैं।

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बेटियों पर विश्वास नहीं

*कई बार घर वाले बेटियों पर विश्वास नहीं करते लेकिन जब माँ अपनी बेटी पर विश्वास नहीं करती तो बेटियाँ दूरी बना ही लेती हैं। बेटियाँ भी चाहती हैं कि घर के लोग उन पर भरोसा करें और सबसे ज्यादा माँ उन पर भरोसा करें लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो बेटियों का मनोबल टूट जाता है। और ये एक बहुत अहम् वजह है कि बेटियाँ अपनी माँ से दूर हो जाती हैं।

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