Top

जून का तीसरा रविवारः आ गया फादर्स डे, हो जाइए पिता को गिफ्ट देने को तैयार

भारत सहित दुनिया के 60 देशों में फादर्स डे जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। फादर्स डे को लोग अलग अलग तरह से सेलिब्रेट करते हैं, की अपने पिता को गिफ्ट देता है तो कोई उनका फेवरेट खाना बनवा कर खिलाता है।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 17 Jun 2020 1:06 PM GMT

जून का तीसरा रविवारः आ गया फादर्स डे, हो जाइए पिता को गिफ्ट देने को तैयार
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

क्या आप जानते हैं भारत में जून के हर तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। वैसे तो यह पर्व पश्चिमी देशों से भारत में आया है लेकिन अब धीरे धीरे ये लोकप्रिय होना शुरू हो गया है। पश्चिम में जिस तरह मां के प्रति आभार जताने के लिए मदर्स डे होता है उसी तरह से फादर्स डे पिता के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए होता है। जैसे हम लोगों ने वैलेंटाइन डे को प्यार का इजहार करने के दिवस के रूप स्वीकार कर लिया और उसका व्यवसायीकरण हो गया फिर फादर्स डे को उतनी लोकप्रियता नहीं मिली है लेकिन धीरे धीरे इसे मनाये जाने का चलन बढ़ रहा है।

फादर्स डे मनाने का चलन आज या अभी हाल का नहीं है इसकी शुरुआत 1910 में हुई थी। और 19 जून 1910 को जब रविवार का दिन था वायएमसीए के युवा सदस्य गुलाब का फूल लगा कर चर्च गये थे। इन लोगों ने दो रंग के गुलाब लगाए हुए थे।

सफेद और लाल गुलाब

युवाओं ने लाल गुलाब जीवित पिता के सम्मान में और सफेद गुलाब मृतक पिता के सम्मान में लगाया था। और इस प्रथम फादर्स डे के आयोजन के लिए पहल करने वाली सोनार स्मार्ट डोड खुद घोड़ा-गाड़ी में बैठकर पूरे शहर में घूमी थी और बीमारी के कारण घरों में रह गये पिताओं को उपहार बांटे थे।

शायद ही कोई बच्चा ऐसा हो जो अपने माता पिता से प्यार न करता हो। हालांकि बहुत से बच्चे इसे प्रदर्शित नहीं कर पाते। माना ये जाता है कि मां बच्चों के सबसे करीब होती है लेकिन पिता जो सारी जिम्मेदारियां उठा रहा होता है।

इसे भी पढ़ें #FATHERS DAY: Google ने इस अंदाज में मनाया ‘फादर्स डे’, जानें क्या है इस दिन के पीछे राज..

जरूरत की एक एक चीज जुटा रहा होता है क्या बच्चे उसे प्यार नहीं करते। करते हैं लेकिन हमारी संस्कृति में जहां माता पिता की सेवा सम्मान में बड़े बड़े ग्रंथ हैं। प्यार को प्रदर्शित करने के लिए कोई दिन नहीं है।

पितरों को मानते हैं यहां

पारिवारिक इतिहास में मृत हो चुके पिताओं और पितरों के श्राद्ध तर्पण के लिए हमारे यहां 15 दिन तक चलने वाला कार्यक्रम है। लेकिन जीवित पिताओं के लिए भारतीय संस्कृति में कोई कार्यक्रम नहीं है।

इसे भी पढ़ें फादर्स डे स्पेशल: मिलिए बॉलीवुड के इन पिता से जो है HIT&FIT

हालांकि वर्जीनिया में भी जब सोनोरा स्मार्ट डोड ने अपने पिता की स्मृति में फादर्स डे का आयोजन करना चाहा तो उसे भी काफी संघर्ष करना पड़ा। बाद में धीरे धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और आज दुनिया के तमाम देशों में फादर्स डे मनाया जाता है।

भारत सहित दुनिया के 60 देशों में फादर्स डे जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। फादर्स डे को लोग अलग अलग तरह से सेलिब्रेट करते हैं, की अपने पिता को गिफ्ट देता है तो कोई उनका फेवरेट खाना बनवा कर खिलाता है। तो देर किस बात की आप भी हो जाइए तैयार अपने पिता को गिफ्ट देने के लिए।

राम केवी

राम केवी

Next Story