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क्रूड सस्ता, पंप पर महंगा : तेल देखो तेल की धार देखो

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं जबकि कच्चे तेल के दाम कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से ही नीचे सरकते हुये धड़ाम हो चुके हैं।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 23 Jun 2020 11:27 AM GMT

क्रूड सस्ता, पंप पर महंगा : तेल देखो तेल की धार देखो
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लखनऊ: भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं जबकि कच्चे तेल के दाम कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से ही नीचे सरकते हुये धड़ाम हो चुके हैं। दुनिया में सभी देशों को इंटरनेशनल बाजार में उपलब्ध तेल समान दाम पर ही मिलते हैं लेकिन सरकारें अपने बाजार में तेल बेचने पर उसमें अलग अलग तरह के टैक्स लगा देती हैं। नतीजतन पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम सब देशों में अलग अलग हो जाते हैं।

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दाम बढ़ा कर कमाई

महामारी से आर्थिक स्थिति पर पड़े दुष्प्रभाव से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मई के महीने में तेल पर टैक्स बढ़ा दिया था। इस कदम से कच्चे तेल के दामों में हुई भारी गिरावट का कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाया। पेट्रोल – डीजल पर जितना टैक्स है वह खुदरा दामों के 69 फीसदी के बराबर है। यानी एक लीटर डीजल – पेट्रोल के लिए उपभोक्ता जो पैसा देता है उसमें से 69 फीसदी टैक्स के रूप में चला जाता है। पेट्रोल के मामले में ये तेल के बेस प्राइस का 250 गुना है। जबकि डीजल के मामले में ये 255 फीसदी है। मई में पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये बढ़ा दी गई थी।

अब पेट्रोल पर कुल एक्साइज़ ड्यूटी 33 रुपये और डीजल पर 32 रुपये है। चूंकि भारत में प्रत्यक्ष कर कलेक्शन काफी कम है सो ऐसे में सरकार अप्रत्यक्ष स्रोतों के जरिये टैक्स कलेक्शन करके कमाई का जरिया बनाती है। ऐसे में ईंधन एक बढ़िया स्रोत है। भारत में अगर 69 फीसदी टैक्स है तो अमेरिका में ये 19 फीसदी, जापान में 47 फीसदी, यूके में 62 फीसदी और फ्रांस में 63 फीसदी है। जब 12 अप्रैल को कच्चे तेल के दाम 20 डालर प्रति बैरल हो गए थे तब भी भारतीय उपभोक्ता एक लीटर पेट्रोल के लिए 70 रुपये दे रहे थे।

हर देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग अलग

बहरहाल, पूरी दुनिया में हर देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग अलग हैं। आमतौर पर अमीर देशों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम ज्यादा होते हैं जबकि गरीब देशों और तेल उत्पादक और तेल निर्यातक देशों में इसके दाम काफी कम होते हैं। इस सामान्य नियम में अपवादस्वरूप अमेरिका है जो अमीर देश तो है लेकिन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम काफी कम रहते हैं। हफ्ता भर पहले विश्व में पेट्रोल का औसत दाम 0.95 डालर यानी 72 रुपये थे।

विश्व में 93 देशों में एक लीटर पेट्रोल का दाम एक डालर से कम है। इन देशों में अमेरिका (0.65 डालर) जैसा अमीर देश और अफ्रीकी देश अंगोला (0.27 डालर), एथिओपिया (0.62 डालर), मलावी (0.94 डालर) जैसे गरीब देश और चीन शामिल हैं। 72 देश ऐसे हैं जिनमें एक लीटर पेट्रोल की कीमत एक डालर या उससे ज्यादा है। इन देशों में भारत (1.05 डालर), बांग्लादेश (1.06 डालर), फ्रांस (1.49 डालर), इटली (1.58 डालर) और हांगकांग (2.21 डालर) शामिल हैं।

दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल वेनेजुएला में है। सिर्फ 0.02 डालर, यानी 1 रुपये 51 पैसे प्रति लीटर। और सबसे महंगा पेट्रोल है हांगकांग में – 2.21 डालर प्रति लीटर।

वेनेजुएला में मुफ्त डीजल

डीजल के दामों की बात करें तो वेनेजुएला में डीजल 0.01 वेनेजुएलन बोलिवर प्रति लीटर है। चूंकि वेनेजुएला की करेंसी डालर के मुक़ाबले बहुत ही नीचे जा चुकी है सो अगर वेनेजुएला की करेंसी के लिहाज से देखें तो विश्व में डीजल के दाम का औसत 214599.39 बोलीवर प्रति लीटर है। और अगर अमेरिकी डालर की नजर से देखें तो वेनेजुएला में डीजल एकदम मुफ्त है।

बहरहाल, वेनेजुएला के बाद सऊदी अरब का नंबर आता है जहां एक लीटर डीजल का दाम 0.13 डालर है और सबसे ज्यादा 1.81 डालर हांगकांग में है। भारत में 15 जून को एक लीटर डीजल का दाम 0.97 डालर था।

कच्चे तेल के दाम

कोरोना वायरस की वजह से मांग में भारी कमी और तेल उत्पादन में रूस और सऊदी अरब की तनातनी की वजह से कच्चे तेल के दाम बहुत नीचे चले गए थे। अगर पिछले एक साल की बात करें तो कच्चे तेल के दाम जून 2019 में 58.47 डालर प्रति बैरल थे। दिसंबर 2019 में 61.06 डालर हो गए। फरवरी 2020 में ये दाम 44.76 डालर, मार्च में 20.48 डालर और अप्रैल में 19.56 डालर प्रति बैरल हो गए। मई 2020 से दाम चढ़ना शुरू हुये और 35.49 डालर पर आ गए। 25 मई को दाम 33.91 डालर प्रति बैरल थे। इसके बाद 18 जून को कच्चे तेल का दाम 38.84 डालर, 21 जून को 39.85 डालर और 23 जून को 40.49 डालर प्रति बैरल पहुँच गया।

कोरोना काल से पूर्व का लेवल हो जाएगा

ग्लोबल लेवल पर जैसे जैसे लॉकडाउन खत्म हो रहे हैं या बन्दिशों में ढील दी जा रही हैं उसी के साथ तेल की डिमांड बढ़ रही है। लेकिन अब भी बहुत से देशों में ट्रेन, विमान सेवाएँ अभी सीमित मात्रा में ही चल रहीं हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बहुत कम है। अभी स्थिति आंशिक तौर पर भी संभली नहीं है। तेल की डिमांड कोरोना से पहले के लेवल पहुंचेगी कि नहीं ये अभी कहा नहीं जा सकता। इसके अलावा यूरोप अब पेट्रोलियम पर निर्भरता को न्यूनतम करने के प्लान पर काम कर रहा है।

पूर्वानुमान लगाने वालों की एक समान राय ये है कि तेल की डिमांड में रिकवरी होने में लंबा समय लगेगा। इसके पीछे कारणों में उपभोक्ता के व्यवहार में स्थाई बदलाव सबसे ऊपर है। महामारी के कारण लोगों में ट्रेवल करने की आदत में व्यापक बदलाव आयेगा। ज़्यादातर लोग घर से काम करेंगे सो कार का रोजाना का इस्तेमाल न्यूनतम हो जाएगा। संक्रमण के डर से लोग इंटरनेशनल ट्रेवल भी बहुत जरूरी होने पर करेंगे। इसके अलावा भारी बेरोजगारी और लोगों के पास पैसे की कमी के कारण पेट्रोल डीजल पर खर्चा बहुत घट जाएगा।

रूस के ऊर्जा मंत्री अलेक्जेंडर नोवाक का कहना है कि कच्चे तेल के दाम कोरोना काल से पहले के स्तर पर पहुँच सकते हैं। लेकिन ये लेवल इस साल तो नहीं आने वाला।

भारत में ही डीजल सस्ता

कच्चे तेल के दाम की तुलना में भारत में जिस तरह खुदरा दाम रोजाना बढ़ते जा रहे हैं उससे लगता है कि जल्द ही डीजल के दाम पेट्रोल से ज्यादा हो जाएंगे। विश्व में डीजल के दाम आमतौर पर पेट्रोल से ज्यादा रखे जाते हैं क्योंकि डीजल की उत्पादन लागत ज्यादा होती है। लेकिन भारत में दशकों से चले आ रहे असंतुलित टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से पेट्रोल डीजल से आगे रहता है। मजे की बात है कि भारत में भी डीजल का बेस प्राइस पेट्रोल से ज्यादा है। इंडियन ऑइल कार्पोरेशन के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस 22 रुपये 11 पैसे है जबकि डीजल का 22 रुपये 93 पैसे। लेकिन केंद्र और राज्यों के करों के कारण खुदरा दाम कुछ और हो जाते हैं।

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बॉक्स - 1

  1. देश – एक लीटर पेट्रोल के दाम
  2. वेनेजुएला - 0.02 डालर
  3. ईरान – 0.08
  4. सूडान – 0.14
  5. अंगोला – 0.27
  6. कतर – 0.29
  7. सऊदी अरब – 0.29
  8. नाइजीरिया – 0.32
  9. कुवैत – 0.34
  10. अल्जीरिया – 0.36
  11. मलेशिया – 0.37
  12. जिम्बाब्वे – 0.38
  13. तुर्कमेनिस्तान – 0.43
  14. कजाखस्तान – 0.43
  15. अफगानिस्तान – 0.45
  16. पाकिस्तान – 0.46
  17. अजरबैजान – 0.47
  18. म्यांमार – 0.48
  19. यूएई – 0.49
  20. एक्वाडोर – 0.49
  21. किर्गिस्तान – 0.49
  22. ओमान – 0.50
  23. मिस्र – 0.53
  24. बहरीन – 0.53
  25. हैती – 0.55
  26. बोलिविया – 0.55
  27. कोलंबिया – 0.56
  28. लेसेथो – 0.59
  29. पनामा – 0.59
  30. वियतनाम – 0.62
  31. पुरेटो रिको – 0.62
  32. जार्जिया – 0.62
  33. एथियोपिआ – 0.62
  34. इराक – 0.63
  35. इन्डोनेशिया – 0.65
  36. अमेरिका – 0.65
  37. भूटान – 0.65
  38. उज्बेकिस्तान – 0.65
  39. तंजानिया – 0.66
  40. रूस – 0.66
  41. नेपाल – 0.79
  42. चीन – 0.83
  43. आस्ट्रेलिया – 0.84
  44. सूरीनाम – 0.87
  45. श्रीलंका - 0.87
  46. मोज़ाम्बिक – 0.92
  47. जमैका – 1.01
  48. चिली – 1.04
  49. भारत – 1.05
  50. बांग्लादेश – 1.06
  51. जॉर्डन – 1.16
  52. जापान – 1.17
  53. जर्मनी – 1.43
  54. इटली – 1.58
  55. नार्वे – 1.67
  56. नीदरलैंड – 1.72
  57. हांगकांग – 2.21

बॉक्स - 2

  1. देश – एक लीटर डीजल के दाम
  2. सऊदी अरब – 0.13 डालर
  3. सूडान – 0.16
  4. ईरान – 0.17
  5. अंगोला – 0.22
  6. म्यांमार – 0.43
  7. पाकिस्तान – 0.49
  8. अमेरिका – 0.64
  9. नेपाल – 0.70
  10. घाना – 0.79
  11. भारत – 0.97
  12. पोलैंड – 1.06
  13. फ्रांस – 1.39
  14. अल्बानिया – 1.54
  15. हांगकांग – 1.81

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