मझधार में क्रिकेटर शाकिब का कॅरियर, वापसी करना मुश्किल…

बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन की गिनती दुनिया का सबसे बेहतरीन आलराउंडरों में होती है मगर उनका कॅरियर अब मझधार में फंसता नजर आ रहा है।

ढाका: बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन की गिनती दुनिया का सबसे बेहतरीन आलराउंडरों में होती है मगर उनका कॅरियर अब मझधार में फंसता नजर आ रहा है।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद आलोचनाओं का केंद्र बने शाकिब पर आईसीसी की नजरें टेढ़ी हो गई हैं।  आईसीसी ने शाकिब पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है।

हालांकि उन्हें एक साल बाद ही वापसी करने का मौका मिलेगा। गलती स्वीकार करने की वजह से शाकिब को सजा में एक साल की छूट दी गई।

इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजमुल हसन ने भी कहा है कि शाकिब का एटीट्यूड ठीक नहीं है और इस कारण उनका कॅरियर खतरे में पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें…ये काम करते हैं इन 10 टॉप क्रिकेटर्स के पिता, जानिए पूरा मामला

शाकिब का शानदार औसत

शाकिब ने अपने कॅरियर में 56 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 39.40 के औसत से 3862 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 217 रन है। इस प्रारूप में उनके नाम 5 शतक और 24 अर्धशतक हैं। शाकिब ने टीम के लिए 206 वनडे खेलकर 37.86 के औसत से 6323 रन बनाए हैं।

उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 134 रन है। वनडे में शाकिब के बल्ले से 9 शतक और 47 अर्धशतक निकले हैं। शाकिब ने बांग्लादेश के लिए 76 टी-20 मुकाबले भी खेले हैं। इनमें उन्होंने 23.74 की औसत से 1567 रन बनाए हैं। इस प्रारूप में उन्होंने 9 अर्धशतक जड़े हैं।

आईसीसी ने इस कारण की सख्ती

आईसीसी ने जांच-पड़ताल के बाद शाकिब अल हसन के खिलाफ कदम उठाया है। शाकिब से बुकी ने एक सीरीज के दौरान संपर्क किया था मगर शाकिब ने इसकी जानकारी आईसीसी को नहीं दी।

इस मामले की जांच करते हुए आईसीसी की एंटी करप्शन टीम ने उन्हें दोषी पाया। शाकिब ने बुकी द्वारा तीन मौकों पर संपर्क किए जाने की जानकारी दी जिसकी वजह से दो साल का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एक साल को निलंबित करने का फैसला लिया गया। इस प्रतिबंध की वजह से उनको 29 अक्टूबर 2020 तक किसी भी तरह की क्रिकेट से दूर रहना होगा।

शाकिब ने नहीं दी सूचना

शाकिब पर जिस मामले को लेकर कार्रवाई की गई है, वो पिछले साल का है। तब एक मैच से पहले बुकी ने शाकिब से संपर्क साधा था। नियमों के तहत इस तरह का कोई भी ऑफर मिलने के तुरंत बाद खिलाड़ी को आईसीसी को ये सूचना देनी होती है, लेकिन शाकिब ने ऐसा नहीं किया।

ऐसे में माना गया कि शाकिब ने ये बात जानबूझकर छिपाई। शाकिब ने जनवरी 2018 में बांग्लादेश, श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच हुई त्रिकोणीय टी-20 सीरीज में दो बार फिक्सिंग की पेशकश की जानकारी आईसीसी को नहीं दी। साथ ही आईपीए 2018 में हुई ऐसी ही एक पेशकश की बात भी आईसीसी से छिपाई।

इस सटोरिए के संपर्क में थे शाकिब

आईसीसी ने शाकिब अल हसन से जुड़े इस मामले में भारतीय सटोरिये दीपक अग्रवाल का नाम प्रेस रिलीज में जाहिर किया है। दीपक अग्रवाल ही वो बुकी है जिसने मैच फिक्स करने के लिए लगातार शाकिब अल हसन से संपर्क किया और यहां तक कि उन्हें बिटकॉइन तक के बारे में भी बताया।

दीपक अग्रवाल ने शाकिब से उनके बैंक अकाउंट की जानकारी भी मांगी। शाकिब भी भ्रष्टाचार की राह पर चलने के लिए राजी होते नजर आए जब उन्होंने बुकी से मिलने की बात कह दी। आईसीसी ने व्हाट्सऐप मैसेज के जरिये हुई इस बातचीत का लेखा-जोखा जारी किया है।

ये भी पढ़ें…क्रिकेटर मनीष पांडेय की दुल्हन बनने जा रही हैं ये खूबसूरत अभिनेत्री, जानें इसके बारें में

टी 20 विश्व कप व आईपीएल में नहीं खेल सकेंगे शाकिब

दो साल के प्रतिबंध का ये भी मतलब हुआ कि शाकिब अब अगले साल इंडियन प्रीमियर लीग और ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से 15 नवंबर 2020 तक होने वाले टी20 विश्व कप में नहीं खेल सकेंगे।

शाकिब आईपीएल फ्रेंचाइजी हैदराबाद सनराइजर्स की तरफ से खेलते हैं। शाकिब आईपीएल में हैदराबाद की तरफ से 63 मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 21.31 की औसत से 746 रन बनाए हैं। साथ ही 7.46 की इकॉनामी से कुल 59 विकेट चटकाए हैं। इससे पहले वह कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से भी खेल चुके हैं।

2014 में भी लग चुका है प्रतिबंध

यह पहला मौका नहीं है जब शाकिब पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने शाकिब पर 2014 में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए छह महीने का प्रतिबंध लगाया था।

यह कदम शाकिब के बोर्ड के इजाजत लिए बिना विदेशी टी20 लीग में खेलने के कारण उठाया गया था। इतना ही नहीं उन्होंने टीम के तात्कालिक कोच चंडिका हथुरुसिंघा के साथ बदतमीजी भी की थी। इन सभी कारणों की वजह से बोर्ड ने उन पर छह महीने तक नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने पर बैन लगाया था।

शाकिब के लिए वापसी मुश्किल

आईसीसी के प्रतिबंध के बाद शाकिब अल हसन के कॅरियर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। शाकिब 32 साल के हो चुके हैं। माना जा रहा है कि इतने लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद उनका इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करना मुश्किल होगा।

आईसीसी की तरफ से प्रतिबंध का मतलब है कि वह किसी तरह की क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। शाकिब बांग्लादेश और भारत समेत कई देशों की टी 20 लीग में खेलते हैं। आईसीसी के प्रतिबंध की वजह से तमाम देशों की लीग में भी उनके खेलने के रास्ते बंद हो जाएंगे।

अब महमुदूल्लाह व मोमिनुल को मिली कप्तानी

भारत दौरे से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम में काफी उथल पुथल मची हुई है। ओपनर तमीम इकबाल ने दौरे से नाम वापस ले लिया है जबकि शाकिब पर प्रतिबंध लग गया है। इन सबके बीच टी 20 और टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया गया है। महमुदूल्लाह को टी 20 जबकि मोमिनुल हक को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम की कमान सौंपी है।

बांग्लादेश की टीम भारत के साथ नवंबर में तीन टी 20 और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। 3 नवंबर से टी 20 सीरीज की शुरुआत होगी जबकि 14 से 18 नवंबर के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा।

बांग्लादेश की टीम पहली बार भारत में डे-नाइट टेस्ट मैच भी खेलेगी। यह मैच 22 से 26 नवंबर को कोलकाता के इडेन गार्डन्स मैदान में खेला जाएगा।

शाकिब के समर्थन में उतरीं हसीना

इस बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और देश का क्रिकेट बोर्ड शाकिब के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि शाकिब ने गलती जरूर की है, लेकिन वो इससे सबक लेंगे और समझदार इंसान के तौर पर वापसी करेंगे।

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि यह स्पष्ट है कि शाकिब अल हसन ने गलती की है और उन्हें इसका अहसास है। सरकार आईसीसी के फैसले में कुछ नहीं कर सकती, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड उनके साथ है।

वहीं बीसीबी ने एक बयान में कहा कि हमें उम्मीद है कि शाकिब बेहतर और समझदार क्रिकेटर बनकर वापसी करेंगे और प्रतिबंध पूरा होने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट की कई साल तक सेवा करेंगे।

ये भी पढ़ें…ऐसे संगीन आरोप! जिससे पूर्व क्रिकेटर और पत्नी फंसे मुसीबत में, ये है पूरा मामला