इस रुसी सुंदरी ने टेनिस को कहा ‘गुड बॉय’, अपनी इस अदाओं के कारण थी सबकी चहेती

पांच बार की ग्रैंडस्‍लैम विजेता मारिया शारापोवा ने बुधवार को टेनिस से संन्‍यास की घोषणा कर दी है। शारापोवा को रूसी सुंदरी के नाम से भी जाना जाता रहा।

Published by Deepak Raj Published: February 29, 2020 | 2:32 pm

नई दिल्ली। अपनी दिलकश अदा व  प्रदर्शन से  टेनिस जगत में सबकी दिल जितने वाली रुसी सुंदरी मारिया शारापावा ने टेनिस जगत का अलविदा कह दिया है। अब वह कोई भी टुर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी।  आप को बता दें कि शारापोवा ने अपने करीयर में  पांच बार की ग्रैंडस्‍लैम  की विजेता बनी थी।

 

उन्होंने बुधवार को टेनिस से संन्‍यास की घोषणा कर दी है। शारापोवा को रूसी सुंदरी के नाम से भी जाना जाता रहा। उन्‍होंने 32 साल की उम्र में टेनिस को अलविदा कहा। शारापोवा ने वोग और वेनिटी फेयर मैगजीन के लिए आर्टिकल में कहा, ‘टेनिस अब मैं तुम्हें गुडबाय कह रही हूं।

ये भी पढ़ें-जेल में करवटों में बीती आजम खान की रात, आज सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा-

मैंने टेनिस को अपनी जिंदगी दी है और टेनिस ने मुझे पहचान। अब मैं खेल को, कोच को टीम को रोज मिस करूंगी। अपनी ट्रेनिंग को और दिनचर्या को भी। टेनिस ने ही बेपनाह खुशियां और आंसू दिए। एक ऐसा खेल जिसमें तुम्हें पूरा परिवार मिला। बेपनाह प्रशंसक मिले।’

एक समय विश्‍व नंबर-1 रैंकिंग पर रह चुकी हैं

रूस की सुंदरी एक समय विश्‍व नंबर-1 रैंकिंग पर रह चुकी हैं, लेकिन इस समय वह 373वें स्‍थान पर हैं। कंधे की चोट के कारण वह पिछले साल ज्यादा नहीं खेल पाईं। खेलने उतरीं तो उतनी सफलता नहीं मिली। विंबलडन और यूएस ओपन के पहले दौर में बाहर हो गईं थी। हाल ही में हुए मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी यही हुआ।

मारिया शारापोवा 17 साल की उम्र में रातोंरात स्टार बन गई थी, जब उन्होंने 2004 में विंबलडन खिताब जीता था। तब वह ऐसा करने वालीं तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी बनीं थीं। मारिया ने 2006 में यूएस ओपन जीता और 2008 में 20 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब अपने नाम किया था।

ये भी पढ़ें-सवर्णों के लिए खुशखबरी! होली से पहले मिला ये तोहफा, सरकार ने किया एलान

उन्होंने 2012 और 2014 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है। मारिया ने लंदन ओलंपिक में सिल्वर मैडल भी जीता था। मारिया शारापोवा 2005 और 2008 में सबसे अधिक बार सर्च की जाने वाली स्पोर्ट्स पर्सेनिलिटी भी रही थीं। यही नहीं 2012 में फ्रेंच ओपन जीतकर करिअर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वालीं वे विश्व की दसवीं महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं थी।

 

मारिया शारापोवा अपने करिअर में लगातार चोटों से जूझती रही हैं। 2007 में वह लंबे समय तक चोट से जूझीं। वह 2008 का ऑस्ट्रेलियन ओपन भी जीत सकती थी लेकिन कंधे की दूसरी चोट ने सीजन के दूसरे हाफ में उन्हें मैदान से दूर कर दिया। वह यूएस ओपन और बीजिंग ओलंपिक में भी नहीं खेल सकीं।

एकल खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया है

उन्होंने हर साल 2003 से 2015 तक कम से कम एक एकल खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा रिकॉर्ड सिर्फ स्टेफी ग्राफ, मार्टिना नवारातिलोवा और क्रिस एवर्ट के नाम दर्ज है। शारापोवा को गिफ्टेड युवा खिलाड़ियों में से एक माना जाता था और उन्‍होंने अपने ग्रैंडस्‍लैम 15 महीने के बैन लगने से पहले जीत लिए थे।

शारापोवा पर 2016 ऑस्‍ट्रेलियन ओपन में ड्रग टेस्‍ट में फेल होने के कारण 15 महीने का प्रतिबंध लगा था। 15 महीने के प्रतिबंध के बाद अप्रैल 2017 में कोर्ट पर वापसी की थी। उन्हें 2016 ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान प्रतिबंधित ड्रग्स मेल्डोनियम के इस्तेमाल का दोषी पाया गया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय टेनिस संघ ने उन पर बैन लगाकर उनके प्रतियोगिताओं में टेनिस खेलने पर रोक लगा दी थी।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App