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जानिए कैसे आम्रपाली के चक्कर में फंसे धोनी और पत्नी साक्षी, यह है पूरी कहानी

रियल एस्टेट डेवलपर आम्रपाली के चक्कर में अब महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी भी फंस गई हैं। आम्रपाली का गोरखधंधे की एक-एक परते खुल गई हैं। कंपनी पर आरोप है कि इसने हजारों लोगों से एडवांस में पैसे ले लिए और उनको समय पर हाउस प्रोजेक्ट पूरे करके नहीं दिए।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 27 July 2019 7:31 AM GMT

जानिए कैसे आम्रपाली के चक्कर में फंसे धोनी और पत्नी साक्षी, यह है पूरी कहानी
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नई दिल्ली: रियल एस्टेट डेवलपर आम्रपाली के चक्कर में अब महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी भी फंस गई हैं। आम्रपाली का गोरखधंधे की एक-एक परते खुल गई हैं। कंपनी पर आरोप है कि इसने हजारों लोगों से एडवांस में पैसे ले लिए और उनको समय पर हाउस प्रोजेक्ट पूरे करके नहीं दिए।

पूरा मामला कोर्ट में पहुंच गया इसके बावजूद कंपनी कर्ताधर्ता सोए रहे और अब आखिरकार कंपनी का रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द करने के आदेश देते हुए रुके हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) को दिया है। इससे 42,000 से ज्यादा घर खरीदने वालों को राहत मिली है।

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कंपनी के साथ कैसे जुड़े धोनी और उनकी पत्नी साक्षी?

आम्रपाली ग्रुप ने सबसे पहले धोनी को अपना ब्रांड एम्बेसेडर बनाया था। धोनी ने करीब 7 साल क कंपनी के लिए प्रचार किए और विज्ञापन भी शूट करवाए। 2016 में पहली बार तब धोनी को अपनी गलती का एहसास हुआ जब कंपनी की धोखाधड़ी उजागर होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी खिंचाई करनी शुरू कर दी। लोगों ने कहा कि धोनी खुद को कंपनी से अलग कर लें या अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करवा दें। विवाद बढ़ा तो धोनी ने खुद को कंपनी से अलग कर लिया।

धोनी की कंपनी के फंसे 40 करोड़

मार्च 2019 में धोनी ने आम्रपाली समूह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। धोनी का कहना है कि आम्रपाली ने उनकी मैनेजमेंट कंपनी रिति स्पोर्टस मैनेजमेंट के 40 करोड़ रुपए नहीं चुकाए हैं। यह केस अभी भी चल रहा है। रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एक स्पोर्ट्स मार्केटिंग और मैनेजमेंट कंपनी है, जिसमें धोनी की हिस्सेदारी है। क्रिकेटर के रूप में धोनी का पूरा कामकाज यही कंपनी देखती है।

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कैसे हुआ करार?

ताजा सुनवाई में कोर्ट की ओर से नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि आम्रपाली समूह ने रिति स्पोर्ट्‌स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ संदिग्ध समझौता किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 22 नवंबर 2009 में किए गए ऐसे ही एक एक समझौते के तहत धोनी रिति स्पोर्ट्स के एक प्रतिनिधि के साथ तीन दिनों के लिए चेयरमैन के रूप में उपलब्ध रहते थे।

ऐसे आया साक्षी का नाम

फोरेंसिक ऑडिटर की इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि धोनी की पत्नी साक्षी को आम्रपाली माही डेवलपर्स का निदेशक बनाया गया था। ऑडिटर्स को कंपनी की ओर से मौखिक बताया गया कि आम्रपाली माही डेवलपर्स को रांची में एक प्रोजेक्ट के लिए शामिल किया गया है। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच एमओयू भी साइन किया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त ऑडिटर्स को यह एमओयू कभी नहीं दिखाया गया।

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आम्रपाली का दोबारा खड़ा होना मुश्किल

आम्रपाली का दोबारा खड़ा होना मुश्किल है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उसका रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। ग्रुप के टॉप मैनेजमेंट के खिलाफ जांच जारी है। सम्पत्तियां सीज की जा रही हैं।

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