ICC ने बदले कई नियम, प्रैक्टिस के दौरान टाॅयलेट भी नहीं जा पाएंगे क्रिकेटर्स

कोरोना बीमारी के कारण आगामी टी20 विश्व कप पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में कोरोना महामारी के मद्देनजर आईसीसी ने क्रिकेटरों के लिए खेल और ट्रेनिंग शुरू करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की।

नई दिल्ली कोरोना बीमारी के कारण आगामी टी20 विश्व कप पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में कोरोना महामारी के मद्देनजर आईसीसी ने क्रिकेटरों के लिए खेल और ट्रेनिंग शुरू करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की। इसके अनुसार अब प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ी टॉयलेट नहीं जा पाएंगे और वे अंपायरों को अपनी कैप या सनग्लासेस भी नहीं दे पाएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते वे अपनी निजी चीजें साथी खिलाड़ियों को भी नहीं दे पाएंगे। आईसीसी  ने अपनी गाइडलाइंस को चार चरणों में बांटा है। ये दिशा-निर्देश कई खिलाड़ियों को भारी भी पड़ सकते हैं। इनसे खिलाड़ियों को तकलीफ भी होने वाली है। कोरोना वायरस महामारी के बाद जब खेल शुरू होगा तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को अपनी कुछ आम आदतों को बदलना पड़ेगा

 

 

यह पढ़ें…कोरोना संकट के बीच इंडिया और साउथ अफ्रीका का हो सकता है मैच, चल रही ये तैयारी

 

 

व्यापक दिशानिर्देश

आईसीसी ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संकट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली के लिये अपने दिशानिर्देशों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की नियुक्ति और 14 दिन तक अलग थलग अभ्यास शिविर आयोजित करने की सिफारिश की। आईसीसी ने दुनिया भर में क्रिकेट की बहाली के लिये व्यापक दिशानिर्देश जारी किये और साथ ही उच्च सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाये रखने पर भी ध्यान दिया।

अकेले ट्रेनिंग शुरू

पहले दौर में खिलाड़ियों को अकेले ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। इसके बाद दूसरे चरण में 3-3 खिलाड़ियों का ग्रुप ट्रेनिंग कर पाएगा। तीसरे चरण में छोटे ग्रुप या 10 से कम खिलाड़ी अपने कोच के साथ ट्रेनिंग कर पाएंगे। चौथे चरण में टीमें अपने पूरे खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग कर पाएगी लेकिन इस दौरान खिलाड़ियों को एक-दूसरे को छूने से बचना होगा।

 

 

 

शौचालय की अनुमति नहीं

*आईसीसी क्रिकेट समिति पहले ही गेंद पर लार लगाने पर प्रतिबंध की बात कर चुकी है और अब खिलाड़ियों को गेंद छूने के बाद आंखें, नाक और मुंह स्पर्श नहीं करने की सलाह दी गयी है तथा गेंद के संपर्क में आने के बाद अपने हाथ साफ करने के लिये कहा गया है।

* अभ्यास के दौरान भी खिलाड़ियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं क्योंकि उन्हें शौचालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

*खिलाड़ी अपने निजी सामान जैसे कैप, तौलिया, सनग्लास, जंपर्स आदि अंपायर या साथियों को नहीं सौंप सकते और उन्हें शारीरिक दूरी बनाये रखनी होगी। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि खिलाड़ियों का सामान कौन रखेगा। यही नहीं अंपायरों को भी गेंद को पकड़ते समय दस्तानों का उपयोग करना होगा।

* खिलाड़ी अपनी कैप और धूप के चश्मों को मैदान पर नहीं रख सकते क्योंकि इससे पेनल्टी रन जा सकते हैं जैसे कि हेलमेट के मामले में होता है।  इसके साथ ही खिलाड़ी मैच से पहले और मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में कम समय बिताये।

यह पढ़ें…क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा ‘धोखा’, ग्रेग चैपल के कारण ICC को बदलना पड़ा रूल

 

*आईसीसी ने कहा, ‘मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जैव सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति पर विचार करें जो सरकारी दिशानिर्देशों तथा अभ्यास और प्रतियोगिता की बहाली के लिये जैव सुरक्षा योजना लागू करने के लिये जिम्मेदार होगा।’

*इसके अनुसार ‘मैच से पूर्व अलग थलग अभ्यास शिविर के आयोजन, स्वास्थ्य, तापमान जांच और कोरोना वायरस परीक्षण की जरूरत पर विचार करें। यात्रा से कम से कम 14 दिन पहले सुनिश्चित करें कि टीम कोरोना वायरस से मुक्त है।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App