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जहीर खान स्पेशल: स्विंग के थे उस्ताद, इस इंजीनियर ने किया 'नकल बॉल' का अविष्कार

वैसे इस बारे में भी कम लोगों को जानकारी है कि जहीर अगर क्रिकेटर न होते तो इंजीनियर होते। जी हां, जहीर ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके साथ ही 'नकल बॉल' का अविष्कार करने वाले भी जहीर ही हैं। 'नकल बॉल' के जरिये जहीर ने 610 विकेट झटके थे।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 7 Oct 2019 3:52 AM GMT

जहीर खान स्पेशल: स्विंग के थे उस्ताद, इस इंजीनियर ने किया नकल बॉल का अविष्कार
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लखनऊ: भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गजों में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित जहीर खान का नाम गिना जाता है। कपिल देव के बाद टेस्ट क्रिकेट में अगर कोई भारतीय तेज गंदबाज सबसे ज्यादा सफल रहा तो वो जहीर ही हैं।

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2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले जहीर कुल 14 सालों तक भारतीय रफ्तार की धार रहे। आज जहीर खान अपना 41वां बर्थडे सेलेब्रेट कर हैं।

स्विंग के उस्ताद

  • जहीर खान का जन्म 7 अक्टूबर 1978 को मां जकिया खान और पिता बख्तियार खान के घर श्रीरामपुर, महाराष्ट्र में हुआ।
  • जहीर की प्रारंभिक शिक्षा श्रीरामपुर के न्यू मराठी प्राइमरी स्कूल और केजे सोमैय्या सेकेंडरी स्कूल में हुई।
  • जहीर ने अपने क्रिकेट करिअर की शुरुआत बड़ौदा से की। शुरू से ही वह अपनी यॉर्कर के लिए जाने जाते थे।
  • बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान को पुरानी गेंद से भी दोनों तरफ स्विंग कराने का उस्ताद माना जाता है।
  • जहीर दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे।

विश्व कप में योगदान

  • 2011 का विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में जहीर खान प्रमुख गेंदबाज थे।
  • इस विश्व कप में खान ने 9 मैचों में 21 विकेट चटका कर भारतीय जीत में अहम योगदान दिया था।
  • इसी वर्ष उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था।
  • जहीर ने अपना पहला टेस्ट सन 2000 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेला था।
  • साल 2016 में उन्हें आईसीसी नॉक आउट ट्रॉफी के लिए केन्या के खिलाफ भारतीय दल में शामिल किया गया।
  • इससे पहले घरेलू क्रिकेट में जहीर ने बड़ौदा की तरफ से रेलवेज के खिलाफ फाइनल मैच से पदार्पण किया था।
  • रणजी के अपने इस पहले मैच में जहीर ने दूसरी पारी में 43 रन देकर 5 विकेट झटके। बड़ौदा की इस जीत में जहीर को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
  • 2006 में जहीर खान मुंबई चले गए। मुंबई की तरफ से रणजी का फाइनल खेलते हुए जहीर खान ने 9 विकेट लिए और मुंबई ने बंगाल को हरा दिया।
  • 2005 में जहीर काउंटी खेलने वॉरसेस्टर शायर चले गए। जहीर ने वहां भी पहले ही मैच में समरसेट के खिलाफ 10 विकेट लिए।

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कई रिकॉर्ड हैं नाम

  • जहीर ने अपने टेस्ट करिअर में 32 रन की औसत से 311 विकेट चटकाए।
  • एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में जहीर खान ने 29 रन की औसत से 282 विकेट लिए हैं।
  • लेकिन बार-बार की इंजरीज ने उनके करिेअर में कई बार बाधा डाली।
  • 2008 में विजडन ने जहीर खान को विजडन क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर की सूची में शामिल किया था।
  • एक समय अंतिम जोड़ी के रूप में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड सचिन और जहीर के नाम था।
  • दोनों ने बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम विकेट के रूप में 133 रन बनाए थे। और 11वें नंबर पर जहीर का निजी स्कोर 75 रन था।
  • 2008 में विजडन ने जहीर खान को विजडन क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर की सूची में शामिल किया था।

'नकल बॉल' का अविष्कार

वैसे इस बारे में भी कम लोगों को जानकारी है कि जहीर अगर क्रिकेटर न होते तो इंजीनियर होते। जी हां, जहीर ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके साथ ही 'नकल बॉल' का अविष्कार करने वाले भी जहीर ही हैं। 'नकल बॉल' के जरिये जहीर ने 610 विकेट झटके थे।

Manali Rastogi

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