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बीजेपी की आंतरिक कमजोरियों को समाजवादी पार्टी ने भलीभांति पहचान लिया है। समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद चुनाव का एलान होने के साथ अपने दो प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की घोषणा कर दी।

विधान परिषद के चुनाव में एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए करीब 32 वोटों की जरूरत पड़ेगी। अगर किसी को प्रथम वरीयता के 32 वोट ना मिले, तो दूसरी वरीयता के वोटों से फैसला होगा। ऐसे में भाजपा को अपना 11वां प्रत्याशी उतारने से पहले काफी मंथन करना होगा।

बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बसपा बिहार की तरह उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव में किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी और अपनी सरकार बनाएगी।

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से ही बसपा नेत्री मायावती के सुर बदले हुए हैं। पिछले डेढ साल के दौरान उन्हों।ने कई मौके पर सपा व कांग्रेस का साथ देने के बजाय भाजपा के साथ सुर मिलाया है।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता एक बार फिर 2022 के विधानसभा चुनाव में 2007 की तरह ही सरकार बनाने का काम करें।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों कही जाने वाली मायावती का उत्तर प्रदेश की राजनीति में अच्छा खासा रसूख है। बसपा सुप्रीमो मायावती का राजनीतिक सफर उतना आसान नहीं रहा है।

मायावती का शुक्रवार यानि 15 जनवरी को 65वां जन्मदिन हैं। उनका जन्मदिन हर साल बसपा कार्यकर्ता काफी उत्साह के साथ जोरशोर से मनाते हैं।

भारतीय जनता पार्टी पंचायत चुनाव रणनीति तैयार करने में जुट गई है इसको लेकर संगठन के पदाधिकारी जिलों में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने पंचायत चुनाव को लेकर टी डी कालेज के बलराम पुर हाल में क्षेत्रीय अध्यक्ष महेशचंद श्रीवास्तव के अध्यक्षता में बैठक किये।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का रवैया अभी तक देशहित में सही समाधान नहीं दे पा रहा है और ऐसे में कृषि मामलों में आत्मनिर्भर भारत को जो क्षति हो रही है।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि कृषि से जुड़े तीन नए कानून को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्हेांने कहा कि किसानों के आंदोलन का उनकी पार्टी समर्थन करने को तैयार है।