Corona Effect

कोई भी किसी खाली रेस्तरां में जाना पसंद नहीं करता जहां चारों ओर सिर्फ खाली टेबलें हों। कोरोना से पहले के युग में अगर आप किसी खाली रेस्तरां में जाते तो यही ख्याल आता कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है?

कोरोना महामारी के इस दौर में तरह तरह की आशंकाओं के चलते सोशल और फिजिकल डिस्टेन्सिंग के नियम जीवन के अंग बन गए हैं। रिटेलर, रेस्तरां, सैलून, पार्लर, फ़ैशन बुटीक से लेकर बिल्डिंग मैनेजरों तक परेशान हैं कि फिजिकल डिस्टेन्सिंग सुरक्षा के मानकों को कैसे लागू करें।

सर्वेक्षण से साफ हुआ के लोगों के मन में कोरोना वायरस का शिकार होने का डर बैठा हुआ है। इसलिए वे भीड़-भाड़ की जगहों पर जाने से परहेज करना चाहते हैं। देश के विभिन्न शहरों में बने मॉल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है और इस कारण लोग मॉल से अभी दूरी बनाकर चलना चाहते हैं।

पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। सरकार के साथ ही आमलोग इस महामारी से लड़ने में लगे हुए हैं। इस जंग में सबसे बड़ी भूमिका अस्पतालों,डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की है। यह सभी अपनी भूमिका का पालन कर भी रहे हैं। लेकिन वेस्ट यूपी के मेरठ शहर समेत कई शहरों में स्थिति कुछ दूसरी है।

देशव्यापी लॉकडाउन ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों की कमाई पर बुरा असर डाला है। इनमें तमाम वो लोग शामिल हैं जो पूजा-पाठ और शादियों के व्यवसाय से जुड़े हुये हैं। नवरात्र से ले कर अक्षय तृतीया तक सब सन्नाटा छाया रहा और आगे का भी कुछ साफ नहीं है।“

भारत में बच्चों के संस्कार से लेकर अंतिम संस्कार तक में बाल मुंडवाने की प्रथा का काफी महत्व है। देश के कई मंदिरों में बाल चढ़ाने की प्रथा है जहां हर रोज सैकड़ों टन बाल चढ़ाए जाते हैं। इन बालों का बहुत बड़ा कारोबार भी होता है और ये निर्यात भी किए जाते हैं।

पाकिस्तान शुरू से ही आतंकी संगठनों की बैक डोर से मदद करता रहा है। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान, अलकायदा, जैश ए मोहम्मद और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में विफल रहने की वजह से एफएटीएफ ने पिछले साल जून से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है।

एक डाक्टर ने अपने अस्पताल की बीस बेड वाली इंटेन्सिव केयर यूनिट का आँखों देखा हाल बताया है जो दिल दहला देने वाला है। इस डाक्टर ने बयां किया है उसने देखा कि कोरोना वायरस किस मरीजों के सिर से पाँव तक हर अंग को जकड़ कर नष्ट कर देता है।

अमेरिका में जिस तरह टॉइलेट पेपर के लिए मारामारी मची हुई थी वैसे ही अब बाल काटने की कैंचियों, हेयर कलर की जाम कर ख़रीदारी हो रही है। इसी ट्रेंड को देखते हुये टेक कंपनियाँ वर्चुअल हेयर कट इंडस्ट्री का हिस्सा बनने के लिए दौड़ लगा रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में तो नाकाम साबित हो ही रहे हैं, साथ ही उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर भी इस किलर वायरस ने जबर्दस्त आर्थिक चोट पहुंचाई है।