reliance industries

अमेरिका-ईरान में चल रहे भयंकर तनाव की वजह से दूसरे देशों पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है। इस तनाव की वजह से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार धड़ाम से गिरा।

धीरूभाई अंबानी ने 16 साल की उम्र में अपनी 10वीं कक्षा पास की और 17 साल की उम्र में पैसे कमाने के लिए वो साल 1949 में अपने भाई रमणिकलाल के पास यमन के एडन चले गए।यहां उन्होंने 200 रुपये प्रति महीने में गैस स्टेशन पर अटेंडेंट के पद पर नौकरी की।

Reliance Industries Ltd (आरआईएस) हर बार की तरह इस बार भी देश में नंबर वन पर बनी हुई है। Reliance Industries के शेयर में आई तेजी की वजह से कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

Reliance Industries के शेयर में आई तेजी की वजह से मंगलवार को कंपनी का मार्केट कैप 9.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इसके साथ ही Reliance Industries ऐसा करने वाली देश की पहली कंपनी बन चुकी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड पेट्रोलियम से लेकर, रीटेल और टेलीकॉम जैसे विभिन्न सेक्टर्स में फैली हुई है और इसने वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 6.23 लाख करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है।

आज का आवाम, युवा पर्यावरण के बारे में जागरूक और चिंतित हैं। भारत में सबसे ज्यादा युवा रहते हैं, जो हमेशा सस्टेनेबल या कह सकते हैं टिकाऊ उत्पादों की मांग करते रहे हैं, जिनसे सबसे कम कार्बन फुटप्रिंट्स हो और, पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचता हो।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अम्बानी ने कंपनी की 42वीं आम बैठक में आक्रामक रुख जारी रखने के संकेत दिए थे। रिलायंस अपनी तीसरी वर्षगांठ पर जियो गीगा फाइबर की शुरुआत करने जा रही है। करीब तीन साल पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज अब तक 34 करोड़ मोबाइल ग्राहक बना चुकी है। जल्द ही 50 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी में जी जान से जुटी है। इस दिशा में वह मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के तिमाही नतीजे शुक्रवार को घोषित हुए। पहली तिमाही में कंपनी को 10,104 करोड़ रु का हुआ शुद्ध मुनाफ़ा हुआ है।

सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी भागीदार बीपी को उसके पूर्वी अपतटीय केजी-डी₨ फील्ड से प्राकृतिक गैस का उत्पादन लक्ष्य के अनुरूप नहीं रहने को लेकर उन्हें जुर्माना नोटिस जारी करना बंद कर दिया है।

31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष 2018-19 में रिलायंस ने 6.23लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया। दोनों कंपनियों द्वारा विनियामक फाइलिंग के अनुसार, आईओसी ने वित्त वर्ष में 6.17लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया। यह वित्त वर्ष 2019 में आईओसी के शुद्ध लाभ से दोगुने से अधिक के शुद्ध लाभ के साथ देश की सबसे अधिक लाभदायक कंपनी भी बनी है।