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बहुत से लोगों का घर देखा होगा जहां हर चीज इधर-उधर पड़ी रहती हैं। किसी के जूते कहीं पड़े होते हैं तो किसी की चप्‍पल कहीं। कोई झूठे बर्तन ऐसे ही छोड़कर चल देता है। कोई घर आए मेहमानों से पानी तक नहीं पूछता। लेकिन ये खराब आदतें आपके पूरे जीवन को प्रभावित करती हैं। 

अक्षय तृतीया पर्व के संबंध में भागवत में श्रीकृष्ण ने कहा है कि यह तिथि परम पुण्यमय है। इस दिन दोपहर से पूर्व स्नान, जप, तप, होम, स्वाध्याय, पितृ.तर्पण तथा दान आदि करने वाला महाभाग अक्षय पुण्यफल का भागी होता है।

नवरात्रि में हवन-पूजन का बहुत महत्व है। हवन पूजन से ही मां भगवती की पूजा सफल होती है। कोई भी पूजा और मंत्र का जप बिना हवन के अपूर्ण  है। किसी भी वैदिक पूजा में विधि-विधान से हवन करना आवश्यक है। ग्रहों के बीज मंत्र की निश्चित संख्या होती है। नवरात्र में माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दुर्गासप्तशती के विभिन्न मंत्रों से माता को प्रसन्न करने के लिए हवन करते हैं।

सम्वत्सर 2077 का आरम्भ यद्यपि 25 मार्च बुधवार,रेवती नक्षत्र को उदयव्यापिनी तिथि में होगा किन्तु 24 मार्च 2020 को अमावस्या तिथि 14:56 बजे समाप्त हो जाएगी तथा 14:57 बजे से नववर्ष की प्रतिपदा का आरम्भ कर्क लग्न में होगा। उस समय की आकाशीय कौंसिल के अनुसार कर्क, मकर      (लग्न एवं सप्तम) में शनि-मंगल का विध्वंसकारी योग तथा षष्ठ-द्वादश भाव में कालसर्प योग राष्ट्र के लिए जन-धन हानि और उपद्रव लेकर आ रहा है।

किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले और बाद में कुछ परंपराओं का निर्वाह करना पड़ता है। जैसे आचमन, तिलक और कलावा बांधना।  जब भी हम कोई धार्मिक अनुष्ठान करते हैं तो तिलक लगाते है, कलावा(धागा,मोली) बांधते हैं। वैसे भी हिंदू धर्म में पूजा के बाद कलाई पर धागा (मौली) बांधने की परंपरा है।

चैत्र माह की कृष्ण पक्ष को शीतला माता की पूजा की जाती है। इस बार शीतला अष्टमी 16 मार्च यानि आज है। इस पर्व को बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक मां शीतला की आराधना से कई तरह के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाती हैं। ऐसी मान्यता है माता शीतला का व्रत रखने से तमाम तरह की बीमारियां दूर हो जाती है।

चन्द्रमा मन का कारक है। धर्म में 'चंद्रमा मनसो जात:'। इसकी राशि कर्क है। कुंडली में चंद्र अशुभ होने पर मां को किसी भी प्रकार का कष्ट या सेहत का खतरा होता है, दूध देने वाले पशु की मृत्यु हो जाती है। स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। घर में पानी की कमी आ जाती है या नलकूप, कुएं आदि सूख जाते हैं।

माह – फाल्गुन, तिथि – दशमी, पक्ष – शुक्ल, वार – गुरूवार, नक्षत्र –आर्द्रा,  सूर्योदय – 06:21,सूर्यास्त – 18:54। आज का दिन 12 राशियों के जातक के लिए कैसा रहेगा जानिए...

तिथि- प्रतिपदा, वार-शनिवार,पक्ष-कृष्ण, माह-माघ, नक्षत्र- पुनर्वसु,सूर्योदय- 7.20, सूर्यास्त-17.37 । शनिवार के दिन आज से माघ मास की शुरुआत हो रही है जातक आज से माघ स्नान कर सकते है। और भगवान को तिल और गुड़ पूरे मास चढ़ाएं व दान करें। भगवान की कृपा बनी रहेगी। जानते है 12 राशियों का दिन आज कैसा गुजरेगा।

शनि ग्रह सभी सभी राशि वाले जातकों के लिए अहम होते हैं। शनि ग्रह को सभी नौ ग्रहों में न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। वैसे तो सभी नौ ग्रह अपने-अपने तरीके से जातक के लिए खास होते हैं, लेकिन जब शनि ग्रह की बात आती है तो लोग ज्यादा सचेत हो जाते हैं।शनिवार के उपाय