religious

हर इंसान एक-दूसरे से अलग होता है उसके सोचने  रहने सहने का ढंग एक-दूसरे अलग होता है। और हम लाख चाहकर भी सामने वाले को नही समझ पाते है। लेकिन एक तरीका है जिससे हम दूसरे के स्वभाव का पता लगा सकते है। हर किसी की जन्मदिनांक और जन्म का वार अलग-अलग होता है।

हर व्यक्ति अपने भविष्य और सफलता को लेकर परेशान रहता हैं, प्रयत्न भी करता है और  यह  भी सोचता है कि कैसा रहेगा और इसके बारे में विचार करता हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भविष्य द्वारा किए गए कामों पर ही निर्भर करता हैं जो कि सफलता को सुनिश्चित करते हैं। रात को सोने से पहले किए जाने वाले कुछ उपायों के बारे में जानें जो भविष्य को संवारने का काम करते हैं।

प्राचीनकाल में सभी के सिर ढंके ही होते थे अर्थात हर प्रांत की अपनी एक वेशभूषा थी जिसमें सिर पर पगड़ी पहनने का रिवाज था। राजस्थान, मालवा व निमाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग सिर पर साफ बांधकर रखते हैं। महिलाएं सिर पर ओढ़नी या पल्लू डालकर ही रहती थीं। ऐसे में वे सभी जब मंदिर जाते थे तो सिर ढंका ही होता था।

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना घर हो। एक दिन यह सपना सच हो भी जाता है और तब आदमी बेहद खुश होता है। वह दिनभर बाहर रहने के बाद सुकून भरे पल घर में बिताना चाहता है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता। वह जब घर में पहुंचता है तो छोटी-बड़ी बातों को लेकर घरों में विवाद बन जाती है। व्यक्ति परेशानियों के बीच रहने लगता है। 

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत का बहुत महत्व है। हर साल 24 एकादशियां होती हैं। उनमें आषाढ़ मास की कृष्ण एकादशी को "योगिनी" अथवा "शयनी" एकादशी कहते हैं। इस बार ये एकादशी आज यानि 17 जून को है। इस व्रत से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।

माह –आषाढ़ ,तिथि –अष्टमी, पक्ष – कृष्ण,वार – शनिवार, नक्षत्र – पू.भा.,सूर्योदय – 05:07, सूर्यास्त – 18.46 ,आज के दिन 12 राशियों के जीवन में कैसा रहेगा।

माह –आषाढ़ ,तिथि –प्रतिपदा, पक्ष – कृष्ण,वार – शनिवार, नक्षत्र –ज्येष्ठा  ,सूर्योदय – 05:20, सूर्यास्त – 19.05 ,आज के दिन 12 राशियों के जीवन में कैसा रहेगा।

मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार-ये क्या अलग-अलग हैं? ये अलग-अलग नहीं हैं, ये मन के ही बहुत चेहरे हैं। जैसे कोई हमसे पूछे कि बाप अलग है, बेटा अलग है, पति अलग है? तो हम कहें कि नहीं, वह आदमी तो एक ही है। लेकिन किसी के सामने वह बाप है, और किसी के सामने वह बेटा है, और किसी के सामने वह पति है

बहुत से लोगों का घर देखा होगा जहां हर चीज इधर-उधर पड़ी रहती हैं। किसी के जूते कहीं पड़े होते हैं तो किसी की चप्‍पल कहीं। कोई झूठे बर्तन ऐसे ही छोड़कर चल देता है। कोई घर आए मेहमानों से पानी तक नहीं पूछता। लेकिन ये खराब आदतें आपके पूरे जीवन को प्रभावित करती हैं। 

अक्षय तृतीया पर्व के संबंध में भागवत में श्रीकृष्ण ने कहा है कि यह तिथि परम पुण्यमय है। इस दिन दोपहर से पूर्व स्नान, जप, तप, होम, स्वाध्याय, पितृ.तर्पण तथा दान आदि करने वाला महाभाग अक्षय पुण्यफल का भागी होता है।