पुलिस की अभ्रदता के खिलाफ वकील आज नहीं करेगें न्यायिक कामकाज

वकील शेखर यादुवेंद्र व उनके परिजनों के साथ सीओ गाजीपुर दीपक सिंह व एसओ इंदिरानगर धीरेंद्र कुशवाहा द्वारा अकारण अभद्रता करने के विरोध में राजधानी की अधीनस्थ अदालतों के वकील बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।

Published by dharmendrakumar Published: August 14, 2019 | 12:05 am
Modified: August 13, 2019 | 11:06 pm
एंटी रोमिओ स्क्वाइड

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लखनऊ: वकील शेखर यादुवेंद्र व उनके परिजनों के साथ सीओ गाजीपुर दीपक सिंह व एसओ इंदिरानगर धीरेंद्र कुशवाहा द्वारा अकारण अभद्रता करने के विरोध में राजधानी की अधीनस्थ अदालतों के वकील बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।

वकीलों की मांग है कि इन दोनों पुलिसवालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। अन्यथा पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जोरदार आंदोलन होगा। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने अपने इस प्रस्ताव की प्रति एसएसपी के साथ ही डीजीपी व सूबे के मुख्यमंत्री को भी भेजा है। इस प्रस्ताव से सुप्रीम कोर्ट व इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी अवगत कराया है।

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मंगलवार को वकील शेखर यादुवेंद्र के मसले पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की आकस्मिक एक बैठक हुई। अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह व महामंत्री संजीव कुमार पांडेय के संचालन में हुई इस बैठक में पुलिस के इन दोनों अधिकारियों के कृत्य की निंदा की गई। कहा गया कि वकील शेखर के भाई की उनके पड़ोसी से कहासुनी हुई थी। लेकिन पड़ोसी की शिकायत पर बगैर सही-गलत का पता लगाए यह दोनों पुलिस अधिकारी वकील शेखर के घर में घुस गए।
उनके साथ ही उनकी पत्नी व उनके बच्चों के साथ भी अभद्रता की।

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फिर उनकी पत्नी का जबरिया हाथ पकड़कर गाड़ी में बैठाया। उन्हें थाने ले आए। इस दौरान एक भी महिला पुलिस नहीं थी। थाने में सीओ दीपक सिंह व एसओ धीरेंद्र कुशवाहा ने अनायास ही वकील शेखर को बुरी तरीके से मारापीटा। साथ ही जाति सूचक गाली दी। इन्हें पुरी रात थाने में रखा गया और सुबह वकील को फर्जी मुकदमे में फंसा दिया गया।

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सीबीए के पदाधिकारियों ने इस घटना की जोरदार निंदा करते हुए एसएसपी से इन दोनों पुलिसवालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की। साथ ही इस घटना के विरोध में बुधवार को न्यायिक कार्यो से विरत रहने का एलान भी किया।