CAA हिंसा: पीड़ितों से मिलने नहीं देना चाहती सरकार- अखिलेश यादव

लखनऊ: नागरिकता कानून के खिलाफ हुई हिंसा में उत्तर प्रदेश के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव रविवार को सीएए हिंसा में मारे गये मोहम्मद वकील के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाक़ात की। अखिलेश ने मृतक के परिजनों से शोक संवेदना प्रकट करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं योगी सरकार पर भी आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार की मदद की मांग की। 

लखनऊ: नागरिकता कानून के खिलाफ हुई हिंसा में उत्तर प्रदेश के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव रविवार को सीएए हिंसा में मारे गये मोहम्मद वकील के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाक़ात की। अखिलेश ने मृतक के परिजनों से शोक संवेदना प्रकट करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं योगी सरकार पर भी आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार की मदद की मांग की।

अखिलेश यादव ने हिंसा में मारे गये पीड़ित के परिवार से की मुलाक़ात

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएए हिंसा में जान गवाने वाले पीड़ित के परिवार से लखनऊ में चौक स्थित उनके आवास में आज मुलाक़ात की। इस मौके पर उनके साथ सपा नेता मोहम्मद एबाद भी मौजूद रहे। अखिलेश ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि मृतक मोहम्मद वकील के मामले की जांच होनी चाहिए।

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सरकार पर साधा निशाना:

वहीं उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, सरकार ने इंजीनियर की हत्या के बाद उनके परिजनों को नौकरी दी, अब वकील के परिवार को भी नौकरी और मकान दें। वहीं सवाल उठाया कि सरकार दोनों के परिवार में भेदभाव क्यों कर रही है।

मृतक वकील के पिता मोहम्मद शर्फुद्दीन ने बताया कि अखिलेश यादव ने लगभग 12 से 15 मिनट हम लोगों से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश ने हमे 1 लाख की आर्थिक सहायता दी है।  उन्होंने कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। सरकार ने मुआवजा और घर दिया है। घर की चाभी तो मिल गयी है लेकिन मुआवजे की राशि नहीं मिली है।

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सीएए के विरोध में भड़की थी हिंसा:

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद प्रदेश में इसके विरोध में हिंसा भड़क गयी थी। 19 दिसंबर को लखनऊ में मदेयगंज, खदरा और ठाकुरगंज में हिंसक प्रदर्शन हुआ। इस दौरान खदरा में प्रदर्शनकारियों ने छतों से पुलिस पर पथराव किया था। मदेयगंज में भीड़ की ओर से भी फायरिंग हुई थी। पुलिस ने जवाब में हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे गए थे। भीड़ ने गलियों से निकलकर बार-बार पथराव किया था। मदेयगंज पुलिस चौकी के बाहर खड़ी तीन बाइकों को भी उपद्रवियों ने फूंक दिया था। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

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